देश

मानहानि मामला: अभिषेक बनर्जी पर संकट गहराया, हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई

जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने बुधवार को अभिषेक बनर्जी की याचिका खारिज कर दी और भोपाल की विशेष अदालत द्वारा नवंबर 2025 में जारी गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक हटा दी।

Image

मुश्किल में अभिषेक बनर्जी

Photo : PTI

Abhishek Banerjee- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर संकट गहराता ही जा रहा है। एक और मामले में उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकती दिख रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक हटा दी है। इस फैसले से टीएमसी महासचिव की कानूनी मुश्किलें बढ़ने की संभावना है, जो पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का सामना कर रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी की याचिका खारिज

जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने बुधवार को अभिषेक बनर्जी की याचिका खारिज कर दी और भोपाल की विशेष अदालत द्वारा नवंबर 2025 में जारी गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक हटा दी। वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र, इंदौर के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में भोपाल स्थित सांसद-विधायक अदालत में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था

मानहानि के मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अभिषेक बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था। सांसद-विधायक अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में टीएमसी नेता ने तर्क दिया था कि वे सांसद हैं और उनके फरार होने की संभावना नहीं है। याचिका पर सुनवाई करते हुए, एकल पीठ ने पिछले वर्ष 12 नवंबर को गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक लगा दी थी।

याचिकाकर्ता की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ

बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, पीठ ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता ने याचिका को आगे बढ़ाने में रुचि खो दी है। जस्टिस अग्रवाल ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटा दी, याचिका खारिज कर दी और आदेश की एक प्रति भोपाल न्यायालय को भेजने का निर्देश दिया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!