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डीपफेक बेहद खतरनाक और नुकसानदेह- रश्मिका मंदाना के वायरल वीडियो पर IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की चेतावनी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 7, 2023, 08:36 PM IST

डीपफेक और गलत सूचना से संबंधित एमईआईटीवाई की सलाह पर केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास हमारी अटूट प्रतिबद्धता और मोदी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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रश्मिका मंदाना के फेक वीडियो पर सरकार सख्त (फोटो- RashmikaMandanna)

रश्मिका मंदाना के फेक वीडियो मामले में सरकार भी एक्शन लेती दिख रही है। रश्मिका मंदाना के डीपफेक वाले वीडियो के वायरल होने पर केंद्रीय राज्य आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डीफेक बेहद खतरनाक और नुकसानदेह है। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसे वीडियो को हटाने के लिए कहा है।

राजीव चंद्रशेखर का आधिकारिक बयान

डीपफेक और गलत सूचना से संबंधित एमईआईटीवाई की सलाह पर केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास हमारी अटूट प्रतिबद्धता और मोदी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। गलत सूचनाओं और डीपफेक से उत्पन्न महत्वपूर्ण चुनौतियों को देखते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने पिछले छह महीनों के भीतर दूसरी सलाह जारी की है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफार्मों से डीपफेक के प्रसार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है।

'डीपफेक बेहद खतरनाक'

राजीव चंद्रशेखर ने आगे कहा- "डीपफेक बेहद खतरनाक और नुकसानदेह है और विशेष रूप से महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है। हमारी सरकार सभी नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती है।"

'प्लेटफॉर्म करे कार्रवाई'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा गलत सूचना के प्रसार को रोकना ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के लिए एक कानूनी दायित्व है। उपयोगकर्ता या सरकारी प्राधिकरण से रिपोर्ट प्राप्त होने पर 36 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री को हटाना अनिवार्य है। इस आवश्यकता का अनुपालन करने में विफलता नियम 7 को लागू करती है, जो पीड़ित व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत अदालत में जाने का अधिकार देती है। यह जरूरी है कि प्लेटफॉर्म इस खतरे से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाएं।

'पीड़ित दर्ज कराएं केस'

आगे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग खुद को डीपफेक से प्रभावित पाते हैं, वो अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करें।

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