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बांग्लादेश में गिरफ्तार चिन्मय कृष्ण दास को भेजा गया जेल, भारत ने उठाया मामला, जताई गहरी चिंता

ढाका पुलिस ने उन पर देशद्रोह व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का केस दर्ज किया है। चिन्मय कृष्ण दास ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।

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चिन्मय कृष्ण दास

MEA Concern Over Chinmoy Krishna Das Arrest: बांग्लादेश में हिंदू नेता व इस्कॉन प्रमुख श्री चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर भारत ने अपनी चिंता जताते हुए हिंदुओं पर हमले का मामला उठाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और जमानत से इनकार किए जाने पर गहरी चिंता है। हम बांग्लादेश में हिंदू नेता की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर भी चिंता जताते हैं। हिंदू नेता की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम बांग्लादेश के अधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।

चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को भेजा जेल

बता दें कि बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को हिंदू संगठन ‘सम्मिलित सनातनी जोत’ के नेता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। बीडीन्यूज24 डॉट कॉम के अनुसार, चट्टगांव के छठे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट काजी शरीफुल इस्लाम की अदालत ने मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:45 बजे यह आदेश सुनाया। समाचार पोर्टल ने बताया कि हिंदू पुजारी को जमानत नहीं मिलने पर उनके अनुयायियों ने अदालत परिसर में नारे लगाने शुरू कर दिए।

बांग्लादेश पुलिस ने सोमवार को दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। पुलिस की जासूसी शाखा के प्रवक्ता रिजाउल करीम ने कहा, दास को नियमित पुलिस के अनुरोध के अनुसार हिरासत में लिया गया। हालांकि, आरोपों का ब्योरा दिए बिना गिरफ्तारी की गई। सनातनी जागरण जोत के प्रमुख संयोजक गौरांग दास ब्रह्मचारी के हवाले से बीडीन्यूज24 समाचार पोर्टल ने सोमवार को कहा कि दास को ढाका से हवाई मार्ग से चट्टगांव जाना था।

इससे पहले, 30 अक्टूबर को चट्टगांव के कोतवाली पुलिस थाने में दास समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान चट्टगांव के न्यू मार्केट इलाके में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था।

इस्कॉन ने की भारत सरकार से अपील

वहीं, ढाका पुलिस ने उन पर देशद्रोह व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का केस दर्ज किया है। चिन्मय कृष्ण दास ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। ISKCON ने 'एक्स' पर पोस्ट के माध्यम से इसकी पुष्टि की है, साथ ही भारत सरकार से इस मामले में दखल की अपील की है। इसके बाद आज भारत सरकार ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई।

इस्कॉन ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'हमें परेशान करने वाली खबरें मिली हैं कि इस्कॉन बांग्लादेश के प्रमुख नेताओं में से एक श्री चिन्मय कृष्ण दास को ढाका पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह बेबुनियाद आरोप लगाना अपमानजनक है कि इस्कॉन का दुनिया में कहीं भी आतंकवाद से कोई लेना-देना है। इस्कॉन, भारत सरकार से तत्काल कदम उठाने और बांग्लादेश सरकार से बात करने और यह बताने का आग्रह करता है कि हम एक शांतिप्रिय भक्ति आंदोलन हैं। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश सरकार चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करे। इन भक्तों की सुरक्षा के लिए हम भगवान कृष्ण से प्रार्थना करते हैं।'

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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