आतंकी आतिफ मुजफ्फर और फैसल को फांसी की सज़ा सुनाई गई है, एनआईए स्पेशल कोर्ट लखनऊ ने फांसी की सजा सुनाई है, दोनों पर पांच पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गौर हो कि कानपुर में रिटायर्ड टीचर रमेश बाबू शुक्ला की हत्या मामले में ये सजा सुनाई गई है, इस हत्या की एफआईआर 24 अक्तूबर 2016 को कानपुर के चकेरी थाने में दर्ज हुई थी।
कोर्ट ने दोनों पर 15-15 लाख का जुर्माना भी लगाया है सरकारी वकीलक के मुताबिक तीन अलग-अलग धाराओं 302 में फांसी, 120बी में फांसी, 16 UAPA में फांसी और चौथे 18 UAPA में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
ISIS की जेहादी सोच दिखाने के लिए किया मर्डर
हाथ में कलावा, माथे पर तिलक की हिंदू पहचान देख कर की थी हत्या बताते हैं कि आईएसआईएस (ISIS) की जेहादी सोच दिखाने के लिए हत्या की थी।आतिफ मुजफ्फर और फैसल को एक अन्य मामले में पहले ही फांसी की सजा मिल चुकी है वहीं इन्हीं आतंकियों का साथी सैफुल्लाह एटीएस के साथ एनकाउंटर में मारा गया था, मार्च 2017 में लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में मारा गया था सैफुल्लाह...
हाथ में कलावा, माथे पर तिलक की हिंदू पहचान देख कर की थी हत्या
सैफुल्लाह, मुजफ्फर और फैसल ने कानपुर के चकेरी इलाके में साइकिल से घर जा रहे रिटायर्ड टीचर रमेश बाबू शुक्ला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी, टारगेट के हाथ में कलावा देखकर आतंकियों ने रमेश बाबू को निशाना बनाया था वहीं इस घटना के बाद लखनऊ में सैफुल्लाह का एनकाउंटर हो गया था, इसके बाद आतिफ मुजफ्फर और फैसल पकड़ लिए गए थे जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ था।
