Praggnanandhaa: सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब जीतकर भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर की अंकतालिका में बड़ा उछाल लगाया है। 21 साल के हुए प्रज्ञानानंदा अब टूर रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और उनकी नजरें अब सिंकफील्ड कप पर हैं। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन उन्हें साल के अंत में होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर फाइनल में पहुंचा सकता है।
टॉप 4 खिलाड़ी बनाते हैं GCT फाइनल में जगह
GCT फाइनल में टूर के शीर्ष 4 खिलाड़ी ही जगह बनाते हैं। फिलहाल अमेरिकी दिग्गज फैबियानो कारुआना प्रज्ञानानंदा से आगे चल रहे हैं। सेंट लुइस में प्रज्ञानानंदा ने उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को 1.5 अंक के अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया था।
सबसे मजबूत लाइनअप
सिंकफील्ड कप में इस बार टूर के सभी 9 नियमित खिलाड़ी खेलेंगे, जिससे ये टूर्नामेंट नॉर्वे शतरंज क्लासिक की तरह साल का सबसे मजबूत इवेंट बन गया है। दिलचस्प बात ये है कि नॉर्वे शतरंज क्लासिक का खिताब भी प्रज्ञानानंदा ने ही जीता था। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के हटने के बाद अमेरिका के सैमुअल सेवियन को वाइल्ड कार्ड मिला है। 10 खिलाड़ियों के बीच राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में 9 दौर खेले जाएंगे। कुल 4,75,000 अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि दांव पर है।
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कड़े प्रतिद्वंद्वी
कारुआना क्लासिकल शतरंज में महारत के कारण खिताब के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। उनके अलावा अमेरिका के वेस्ली सो और आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन भी मजबूत चुनौती पेश करेंगे। मुकाबले को और रोमांचक बना रहे हैं विश्व चैंपियनशिप दावेदार सिंदारोव, जर्मनी के विंसेंट कीमर, नीदरलैंड के अनिश गिरी, फ्रांस के मैक्सिम वाशिए-लाग्राव और जोर्डन वान फॉरेस्ट।
प्रज्ञानानंदा का प्लान
9 दौर के इस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा 5 बाजियां काले मोहरों से और 4 बाजियां सफेद मोहरों से खेलेंगे। फॉर्म में होने के कारण उनसे सफेद मोहरों वाली बाजियों में आक्रामक खेल और अधिकतम अंक बटोरने की उम्मीद है। सेंट लुइस की जीत के बाद आत्मविश्वास से भरे प्रज्ञानानंदा अगर सिंकफील्ड कप में भी टॉप-3 में जगह बनाते हैं तो GCT फाइनल का रास्ता लगभग तय हो जाएगा। भारतीय शतरंज के लिए ये साल बेहद खास हो सकता है।
