देश

Bilkis Bano की याचिका SC में खारिजः बोलीं DCW चीफ- अगर टॉप कोर्ट से भी न्याय न मिलेगा तो कहां जाएंगे?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 17, 2022, 12:26 PM IST

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने यह बात शनिवार (17 दिसंबर, 2022) को ट्वीट के जरिए कही। उनके मुताबिक, बानो जब 21 साल की थीं, तब उनका गैंगरेप किया गया। उनके तीन साल के बेटे और छह परिवार वालों का कत्ल कर दिया गया, पर गुजरात सरकार ने उसके सभी रेपिस्ट को आजाद कर दिया।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : IANS

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (17 दिसंबर, 2022) को बिल्कीस बानो की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें गुजरात सरकार से सामूहिक बलात्कार मामले के 11 दोषियों की सजा माफ किए जाने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार करने के लिए कहने से जुड़े उसके आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है।

दरअसल, बानो साल 2002 में गुजरात दंगों के दौरान गैंगरेप की शिकार हुई थीं। यही नहीं, उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। प्रक्रिया के मुताबिक, टॉप कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर फैसला जुड़े हुए फैसला सुनाने वाले जज अपने रूम में करते हैं। रूम में विचार करने के लिए यह याचिका 13 दिसंबर को जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच के सामने आई थी।

कोर्ट के सहायक पंजीयक की ओर से बानो की वकील शोभा गुप्ता को भेजे गए मैसेज में कहा गया, ‘‘मुझे आपको यह बताने का निर्देश दिया गया है कि टॉप कोर्ट में दायर उक्त पुनरीक्षण याचिका 13 दिसंबर 2022 को खारिज कर दी गई।’’ बानो ने एक दोषी की याचिका पर टॉप कोर्ट की ओर से 13 मई को सुनाए गए आदेश की समीक्षा किए जाने का अनुरोध किया था।

टॉप कोर्ट ने गुजरात सरकार से नौ जुलाई 1992 की नीति के तहत दोषियों की समय से पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका पर दो महीने के भीतर विचार करने को कहा था। गुजरात सरकार ने सभी 11 दोषियों की सजा माफ करते हुए उन्हें 15 अगस्त को रिहा कर दिया था।

DCW Chief

DCW Chief

इस बीच, दिल्ली महिला आयोग (दिल्ली कमिशन फॉर वीमेन) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस बाबत ट्वीट कर लिखा, "टॉप कोर्ट ने बानो की अर्जी खारिज कर दी है। उनका 21 साल की उम्र में गैंग रेप किया गया। उसके तीन साल के बेटे और छह परिवार वालों का क़त्ल कर दिया गया, पर गुजरात सरकार ने उसके सभी रेपिस्ट को आजाद कर दिया। अगर सुप्रीम कोर्ट से भी न्याय नहीं मिलेगा, तो कहां जाएंगे?" (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article