Operation Sindoor: थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत की योजना को लेकर कई खुलासा किया। उन्होंने कहा कि हमले के अगले ही दिन सशस्त्र बलों को खुली छूट दे दी गई थी। 4 अगस्त को आईआईटी मद्रास में एक संबोधन के दौरान थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद रक्षा मंत्री की क्या प्रतिक्रिया था, और किस तरह ऑपरेशन की योजना बनी।
आर्मी चीफ ने कहा, 23 अप्रैल को एक बैठक बुलाई गई थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, बस, बहुत हो गया। सेना प्रमुख ने कहा, तीनों प्रमुख इस बात पर बिल्कुल स्पष्ट थे कि कुछ तो करना ही होगा। खुली छूट दी गई थी, 'आप तय करें कि क्या करना है।' इस तरह का आत्मविश्वास, राजनीतिक दिशा और राजनीतिक स्पष्टता हमने पहली बार देखी।
सरकार की हरी झंडी से तीनों सेनाओं का मनोबल बढ़ा
सेना प्रमुख ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात कर रहे थे, जिसे पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के रूप में अंजाम दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तीनों सेनाओं को दी गई राजनीतिक स्पष्टता ने मनोबल बढ़ाने में मदद की और हमारे कमांडर-इन-चीफ को जमीन पर मौजूद रहकर अपनी समझ के अनुसार काम करने में मदद की।
आतंकी ठिकानों पर हमले की बनाई गई योजना
बैठक के दो दिन बाद आतंकवादी ठिकानों पर कैसे हमला किया जाएगा, इस पर एक योजना बनाई गई और बाद में लक्षित नौ में से सात ठिकानों पर निशाना साधा गया। सेना प्रमुख ने कहा, 25 तारीख को हमने उत्तरी कमान का दौरा किया, जहां हमने नौ में से सात ठिकानों पर विचार किया, योजना बनाई, संकल्पना की और उन्हें नष्ट कर दिया, और इसमें कई आतंकवादी मारे गए।
उठाए गए कदमों की समय-सीमा के बारे में आगे बात करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पहली बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि कैसे एक छोटा सा नाम 'ऑपरेशन सिंदूर' पूरे देश को जोड़ता है... यह एक ऐसी चीज है जिसने पूरे देश को प्रेरित किया... यही कारण है कि पूरा देश पूछ रहा था कि आपने इसे क्यों रोक दिया? यह सवाल पूछा जा रहा था और इसका भरपूर जवाब दिया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज खेला...
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज खेला... हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं। इसे ग्रेजोन कहते हैं। ग्रेजोन का मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। हम जो कर रहे हैं, वह पारंपरिक ऑपरेशन से बस थोड़ा कम है... हम शतरंज की चालें चल रहे थे, और वह (दुश्मन) भी शतरंज की चालें चल रहा था। कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे और कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी आगे बढ़ रहे थे, लेकिन यही तो जिंदगी है।
पाकिस्तान के झूठे दावों का उड़ाया मजाक
पाकिस्तान के जीत के झूठे दावों पर तंज कसते हुए आर्मी चीफ ने कहा, अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछेंगे कि आप हारे या जीते, तो वह कहेगा कि मेरा चीफ फील्ड मार्शल बन गया है। हम ही जीते होंगे, तभी तो वह फील्ड मार्शल बने हैं।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भी किया खुलासा
सेना प्रमुख की यह टिप्पणी एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह द्वारा यह खुलासा करने के कुछ घंटों बाद आई है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक बड़े एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) को मार गिराया था। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के एक पखवाड़े बाद 7 मई को शुरू किया गया था और इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए थे।
