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Cyclone Shakti News Today: बंगाल की खाड़ी में बन रहा साइक्लोन 'शक्ति , इन राज्यों के लिए IMD का अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में फिर से एक नया चक्रवात बनने जा रहा है। चक्रवात का नाम शक्ति दिया गया है। दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उत्तर अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है।

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बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय तूफान को लेकर चेतावनी जारी

Cyclone Shakti News Today Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में फिर से एक नया चक्रवात बनने जा रहा है। चक्रवात का नाम शक्ति दिया गया है। यह दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उत्तर अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 से 28 मई के बीच यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जिसे 'शक्ति' नाम दिया गया है। इससे अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण बंगाल की खाड़ी तथा उत्तरी अंडमान सागर के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।

24 से 26 मई के बीच लैंडफॉल कर सकता है

मौसम विज्ञानियों ने बताया कि 23 मई से 28 मई के बीच यह भयावह रूप ले सकता है । राज्य के तटवर्ती इलाके व बांग्लादेश के खुलना में यह भारी तबाही मचा सकता है। इसे लेकर मौसम विभाग यानी आईएमडी ने अभी से ही लोगों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यह 24 से 26 मई के बीच लैंडफॉल कर सकता है।

ओडिशा, पश्चिम बंगाल ,कर्नाटक व बांग्लादेश हो सकते हैं प्रभावित

इससे ओडिशा, बंगाल व बांग्लादेश प्रभावित हो सकते हैं। संभावना ये जतायी जा रही है कि यह बंगाल के तटवर्ती इलाके से होकर बांग्लादेश के खुलना को अपनी चपेट में ले सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान के मुताबिक इस महीने तीन निम्न दबाव सिस्टम बनने की संभावना है, जिसमें यह एक चक्रवात का रूप ले सकता है। जिसकी वजह से तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं व तूफान जैसे हालात बनने के आसार हैं जिसे लेकर सरकार ने स्थानीय प्रशासन को इसे लेकर हाइ अलर्ट पर रहने को कहा है।

यदि चक्रवात बनता है, तो यह कब और कहां पहुंचेगा?

हालांकि, यदि चक्रवात बनता है, तो यह 24 से 26 मई के बीच में दस्तक देगा, भारत में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ बांग्लादेश में खुलना और चटगाँव को भी जोखिम क्षेत्र के बीच माना गया है।

संभावित लैंडफॉल स्थान और समय

इसके 24 से 26 मई के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों, साथ ही बांग्लादेश के खुलना और चटगांव क्षेत्रों में लैंडफॉल की संभावना है। IMD ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। आईएमडी के मुताबिक अरब सागर में, पूर्व-मध्य और दक्षिण अरब सागर, लक्षद्वीप द्वीप समूह क्षेत्र, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र में मध्यम से तीव्र संवहन के साथ बिखरे हुए निम्न और मध्यम बादल छाए रहेंगे।

कर्नाटक के कई जिलों में येलो अलर्ट

आईएमडी ने कर्नाटक के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को 16 मई तक जारी प्री-मानसून वर्षा के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इस बीच, कोलकाता में बुधवार के पूर्वानुमान के अनुसार शाम को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे तथा गरज के साथ छींटे पड़ने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

समुद्र में नहीं जाने की सलाह

तटीय क्षेत्रों में निवासियों को समुद्र में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है । अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव की संभावना है, अतः सभी को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपनाने की सलाह दी जाती है।

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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