Cyclone Fengal Update: चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ ने पुडुचेरी के निकट दस्तक देने के बाद तट को पूरी तरह पार कर गया है। देर रात तमिलनाडु तट से टकराकर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम की ओर शिफ्ट हो गया है। इसके असर से तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। यह समुद्री तट वाले अन्य राज्यों में भी असर छोड़ रहा है। यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने और पुडुचेरी के करीब कराईकल और महाबलीपुरम के बीच उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों को पार कर गया। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 70-80 किमी प्रति घंटे की हवा की गति के साथ 90 किमी प्रति घंटे तक की गति से आगे बढ़ेगा। जमीन पर उतरने के बाद, यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा और अगले 6 घंटों के दौरान धीरे-धीरे एक गहरे दबाव में कमजोर हो जाएगा। आईएमडी ने बताया कि चेन्नई में डॉपलर मौसम रडार द्वारा इस प्रणाली की लगातार निगरानी की जा रही है।
मजोर होकर गहरे दबाव में बदल जाएगा फेंगल
चक्रवाती तूफान फेंगल कल 30 नवंबर को 22: 30 बजे IST से 23:30 बजे IST के बीच 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की गति के साथ 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों को 12.05 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 79.9 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास पुदुचेरी के करीब पार कर गया। यह कल 30 नवंबर को 2330 बजे IST के समय पुदुचेरी के करीब अक्षांश 12.0 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 79.8 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास तमिलनाडु और पुदुचेरी के उत्तरी तटीय क्षेत्र में केंद्रित था। यह धीरे-धीरे पश्चिम-दक्षिणपश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा और अगले 3 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल जाएगा।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात फेंगल का असर
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात फेंगल के कारण दक्षिण तटीय इलाके में एक दो स्थानों पर और रायलसीमा में गरज एवं चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। रविवार को प्रकाशम, एसपीएसआर-नेल्लोर, वाईएसआर कडप्पा, अन्नामय्या, तिरुपति और चित्तूर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है। दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों, जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों के साथ बारिश की स्थिति की समीक्षा की। नायडू ने अधिकारियों को वास्तविक समय में स्थिति का आकलन करने और उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रियल टाइम गवर्नेंस (आरटीजी) के माध्यम से निरंतर निगरानी कर लोगों को सतर्क किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश की आशंका वाले जिलों के कलेक्टरों से कहा कि वे जान-माल की क्षति रोकने के लिए एहतियाती उपायों के तहत आपदा टीम को तैयार रखें।
