Cyber Crime in India: झारखंड का जामताड़ा कभी साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था, लेकिन हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजधानी के आसपास के क्षेत्रों ने इसे पीछे छोड़ दिया है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर बेल्ट साइबर अपराधियों का नया केंद्र बनकर सामने आई है। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते तीन सालों में देश में सबसे अधिक साइबर अपराध राजस्थान के भरतपुर जिले से हुए हैं। इसके अलावा राजस्थान का अलवर, यूपी में मथुरा और हरियाणा में नूंह भी सबसे ज्यादा साइबर अपराध वाले शहरों में शामिल है।
आंकड़ों के मुताबिक, साइबर क्राइम के मामले में भरतपुर पहले नंबर पर है। असके बाद मथुरा और तीसरे नंबर पर हरियाणा का नूंह जिला शामिल है। वहीं गुरुग्राम और अलवर क्रमश: छठे और सातवें नंबर पर हैं। गृह मंत्रालय के डेटा से पता चला है कि डेटा से पता चलता है कि भारत में पंजीकृत कुल साइबर अपराधों में से 54.1% अपराध इन्हीं क्षेत्रों से अंजाम दिए गए हैं।
2020 की तुलना में बढ़े साइबर अपराध
एनसीआरबी के आंकड़ों में सामने आया है कि 2021 में साइबर अपराध के 52,974 मामले दर्ज किए गए थे। ये मामले 2020 की तुलना में 11.8% अधिक हैं। बता दें, कि एनसीआरबी ने अभी तक 2022 के साइबर क्राइम का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है।
गृह मंत्रालय ने दस सबसे खतरनाक इलाकों की पहचान की
गृह मंत्रालय ने पहली बार साइबर क्राइम के मामले में देश के सबसे सबसे खराब 10 स्थानों की पहचान की है। डेटा के मुताबिक, साइबर अपराध के 16% मामले राजस्थान के भरतपुर से सामने आए, इसके बाद मथुरा से 14%, नूंह और जामताड़ा से से 12% मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दस शहर देशभर में 81 प्रतिशत साइबर अपराध के लिए जिम्मेदार हैं।
झारखंड से होते हैं सबसे ज्यादा साइबर अपराध
रिपोर्ट के मुताबिक, मेवात क्षेत्र साइबर अपराधियों के नए केंद्र के रूप में उभरा है। जबकि, देश में झारखंड में सबसे ज्यादा साइबर अपराध की घटनाओं को झारखंड से अंजाम दिया जाता है। यहां, देश के 26% साइबर अपराध होते हैं। जामताड़ा के अलावा देवघर में 10% मामले और बोकारो व गिरिडीह में 2.4% मामले होते हैं। झारखंड के बाद हरियाणा है जहां 22.1% अपराध होते हैं, वहीं तीसरे नंबर पर राजस्थान है, जो 20.1% साइबर अपराध के लिए जिम्मेदार है।
