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3 साल पहले नए साल के जश्न के समय ही फैला था कोरोना, एक बार फिर वैसा हाल,क्या 80 करोड़ हो जाएंगे संक्रमित

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 21, 2022, 06:26 PM IST

Covid-19 Outbreak In China: चीन में बढ़ते मामलों के लिए ओमिक्रॉन का BF.7 सब-वैरिएंट को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। और अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि भारत में BF.7 संक्रमण के तीन केस सामने आए हैं। भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों में भी इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है।

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कोरोना ने फिर डराया, भारत कितना तैयार

KEY HIGHLIGHTS
  • 3 साल पहले चीन के वुहान प्रांत से ही कोरोना की शुरूआत हुई थी।
  • भारत में भीड़ में मास्क लगाने और बूस्टर डोज जल्द से जल्द लेने की सलाह।
  • नया वैरिएंट दिन नहीं घंटों में दिखा रहा है असर

Covid-19 Outbreak In China: एक बार फिर कोरोना की आहट है। ऐसा लगता है कि 3 साल पहले का समय एक बार फिर से आ गया है। क्योंकि कोरोना वायरस को लेकर समय और लोकेशन फिर से वही है। 3 साल पहले चीन से ही कोरोना की शुरूआत हुई थी। और ऐसे ही दिसंबर का महीना था, और दुनिया 2020 के आगाज के जश्न की तैयारियों में जुटी थी। उसके बाद चीन से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में ऐसा कोहराम मचाया कि आज भी वह पूरी तरह से उबर नहीं पाई है। अब फिर तीन साल चीन में BF.7 वैरिएंट की वजह से कोहराम मचा रहा है। और चीन पिछली बार की चरह सच्चाई छुपाने में अपनी ताकत लगा रहा है। इस बीत भारत में भी नए वैरिएंट से संक्रमण की पु्ष्टि हो चुकी है। और बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है।

कहर बरपा रहा है नया वैरिएंट

चीन में बढ़ते मामलों के लिए ओमिक्रॉन का BF.7 सब-वैरिएंट को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। और अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि भारत में BF.7 संक्रमण के तीन केस सामने आए हैं। भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों में भी इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। चीन इस समय ओमीक्रॉन स्वरूप के दो सब वैरिएंट-बीए.5.2 और बीएफ.7 का सबसे खतरनाक असर है। कहा जा रहा है कि पुराना वैरिएंट फैलने के बाद दो से तीन दिन में अपना असर दिखाता था, पर अब वह चंद घंटों में फैलने लगा है। सब-वेरियंट एक से 16 लोगों में फैल रहा है।

महामारी विशेषज्ञ फेगल-डिंग ने सोशल मीडिया पर चीन के कई चौंकाने वाले वीडियो शेयर करते हुए कहा कि अगले 90 दिन में चीन की 60 फीसदी आबादी और दुनिया के 10 फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे। और इसकी वजह से लाखों लोगों के मरने की आशंका है। यानी चीन के अलावा दुनिया के 80 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं।

वुहान में मिला था पहला कोरोना केस, भारत में 30 जनवरी 2020 को पहला मामला

साल 2019 में चीन के वुहान प्रांत में कोरोना का पहला आधिकारिक रूप से केस 31 दिसंबर को मिला था। उसके बाद वह पूरी दुनिया में फैलता चला गया। जहां तक भारत की बात है तो 2019 में केस आने के केवल 30 दिन के अंदर भारत में 30 जनवरी 2020 को पहला कोरोना का केस सामने आया था। और उसके बाद भारत में कोविड-19 की 3 लहर आई। जिसमें दूसरी लहर सबसे खतरनाक थी। जिसमें अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की किल्लत हो गई थी।

सरकार बोली भारत में कोरोना खत्म नहीं, ये एहतियात जरूरी

बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की राज्य सरकारों के साथ बैठक भी हुई है। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री हसमुख मंडाविया ने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, पर भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हमने सभी संबंधित लोगों को अलर्ट रहने और निगरानी बढ़ाने को कहा है। बैठक के बाद नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि लोग भीड़ में मास्क लगाए है। अभी केवल 27% आबादी ने ही बूस्टर डोज ली है। ऐसे में सभी लोगों को बू्स्टर डोज लेना जरूरी है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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