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खतरनाक हुआ कोरोना: एक सप्ताह में बढ़े 79% मामले, आज फिर सामने आए 5600 से ज्यादा केस

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 11, 2023, 11:17 AM IST

Covid19 in India: देश में बीते 24 घंटे में 5676 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद देश में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 37 हजार का आंकड़ा पार कर 37,093 पहुंच गई है।

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देश में कोरोना मामले

Photo : BCCL

Covid19 in India: देश में कोरोना संक्रमण काफी खतरनाक होता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, एक सप्ताह में नए कोरोना मामलों में करीब 79% का उछाल आया है। साप्ताहिक कोरोना मामलों में यह उछाल बीते सात महीनों में सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।

मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 5676 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद देश में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 37 हजार का आंकड़ा पार कर 37,093 पहुंच गई है। इसके अलावा देश में आज कोरोना से 21 लोगों की मौत हुई है। इसमें दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में तीन-तीन मौतें, दो मौतें कर्नाटक में और गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक मौत हुई है। इसके अलावा केरल में पूर्व में हुईं छह मौतों को भी आंकड़ों में जोड़ा गया है। इसके बाद देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 5,31,000 पहुंच गई है।

एक सप्ताह में बढ़ा मौतों का भी आंकड़ा

देश में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। तीन से नौ नवंबर के बीच देश में कोरोना वायरस से 68 लोगों की जान गई है। जबकि, पिछले सप्ताह 41 लोगों की मौत हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक, नौ नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में महाराष्ट्र में 15, दिल्ली में 10, हिमाचल प्रदेश में आठ, गुजरात में छह ओर कर्नाटक में पांच मौते हुई हैं।

इन सात राज्यों में स्थिति खतरनाक

दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत सात राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंकड़ों को देखें तो केरल में एक सप्ताह में कोरोना मामलों की संख्या बढ़कर 11, 296 हो गई है। महाराश्ट्र में यह संख्या 4,587 है तो दिल्ली में 3986 मरीज हैं। इसके अलावा हरियाणा में 2140, गुजरात में 2,039, तमिलनाडु में 1900, हिमाचल प्रदेश में 1883 मरीज हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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