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देश जानता है कि पार्टी का संस्थापक कौन है? चुनाव आयोग में सुनवाई से पहले बोले शरद पवार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 1, 2023, 05:03 PM IST

Sharad Pawar: अजीत पवार का नाम लिए बिना शरद पवार ने कहा कि कुछ लोगों ने अपना अलग राजनीतिक रुख अपनाया है, इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन हर कोई जानता है कि पार्टी का संस्थापक कौन है।

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शरद पवार

Photo : BCCL

Sharad Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने NCP के विभाजन को लेकर चुनाव आयोग की सुनवाई से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने भतीजे अजीत पवार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि हर कोई जानता है कि राकांपा का संस्थापक कौन है। इसके साथ ही शरद पवार ने साफ कर दिया है कि वह निर्वाचन आयोग की सुनवाई में शामिल होंगे और अपना पक्ष रखेंगे। इसके लिए वह छह अक्टूबर को दिल्ली में होंगे।

पवार ने यह बात पुणे के जुन्नार में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने अजीत पवार का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों ने अपना अलग राजनीतिक रुख अपनाया है, इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन हर कोई जानता है कि पार्टी का संस्थापक कौन है। बता दें, बीते जुलाई में अजीत पवार आठ विधायकों के साथ अलग होकर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे, जिसके बाद एनसीपी में दारार पड़ गई थी।

आम आदमी क्या सोचता है यह महत्वपूर्ण है

शरद पवार ने कहा, आम आदमी क्या सोचता है यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। कुछ लोगों ने अलग राजनीतिक रुख अपनाया है, लोकतंत्र में यह उनका अधिकार है। इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन महाराष्ट्र और बाकी देश जानता है कि राकांपा का संस्थापक कौन है।

जो भाजपा के साथ वे राकांपा के नहीं

शरद पवार ने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा के साथ हाथ मिलाया है, वे राकांपा के साथ नहीं हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम इस तरह से कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे और चुनाव आयोग के समक्ष होने वाली सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे। बता दें राकांपा के दोनों गुटों की ओर से पार्टी के चुनाव चिह्न और नाम को लेकर निर्वाचन आयोग में याचिका दायर की गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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