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विकराल हुआ कोरोना: एक दिन में बढ़े 46% केस, 4435 नए मामले; एक्टिव केस 23 हजार के पार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 5, 2023, 11:17 AM IST

Corona Virus in India: देश में एक दिन में 4400 से ज्यादा कोरोना मामले सामने आए हैं। इसके अलावा एक दिन में 15 मौतें भी दर्ज की गई हैं। अब देश में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 23091 पहुंच गई है। दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 3.38 प्रतिशत हो गई है।

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देश में कोरोना के मामले

Photo : iStock

Covid-19 In India: देश में कोरोना एक बार फिर से विकराल हो गया है। एक दिन में दैनिक मामलों में 46% की वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 4435 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि मंगलवार को 3038 मामले सामने आए थे। इतनी बड़ी संख्या में सामने आए कोरोना मरीजों ने हाहाकार मचाकर रख दिया है। आंकडों के मुताबिक, अब देश में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 23091 पहुंच गई है।

इसके अलावा 24 घंटे में देशभर में कोरोना से 15 मौतें भी दर्ज की गई हैं। इसमें चार मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पुडुचेरी, राजस्थान में एक-एक मौत हुई है। वहीं, केरल में कोरोना से पूर्व में हुईं चार मौतों को आंकड़ों में जोड़ा गया है।

पांच महीनों में सबसे ज्यादा दैनिक मरीज

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते पांच महीनों (करीब 163 दिन) बाद सबसे ज्यादा दैनिक मरीज सामने आए हैं। इससे पहले 25 सितंबर को 4777 कोरोना मरीज दर्ज किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, देश में अब कोरोना से संक्रमित हुए कुल लोगों की संख्या 4.47 करोड़ के पार पहुंच गई हैं। वहीं अब तक इससे 530916 लोगों की मौत हुई है।

संक्रमण दर में भी हुआ इजाफा

इतनी बड़ी संख्या में कोरोना मरीज सामने आने के बाद संक्रमण दर में भी इजाफा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, देश में अब दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 3.38 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं साप्ताहिक संक्रमण दर 2.79 प्रतिशत है।

दिल्ली में एक दिन में 521 नए मामले

देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। एक दिन में यहां 521 नए मामले सामने आए हैं। यह संख्या बीते 27 अगस्त के बाद सबसे ज्यादा है। दिलली में अब संक्रमण दर बढ़कर 15.64 प्रतिशत पहुंच गई है। इसके अलावा राजधानी में अब 1710 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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