लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटके पर झटका लग रहा है। एक तरफ नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं तो दूसरी ओर जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी जारी है। ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस को ITAI से बड़ा झटका लगा है। जहां इनकम टैक्स की कार्रवाई पर रोक की मांग वाली कांग्रेस की याचिका खारिज हो गई है।
कांग्रेस की मांग
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने कांग्रेस पार्टी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आयकर विभाग द्वारा उसके बैंक खातों की वसूली और फ्रीजिंग की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कांग्रेस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तमखा ने आदेश को 10 दिनों के लिए स्थगित रखने का अनुरोध किया ताकि कांग्रेस उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सके। हालाँकि, पीठ ने यह कहते हुए इसे अस्वीकार कर दिया कि हमारे सामने ऐसा कोई प्रावधान या प्रार्थना नहीं है।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी में कांग्रेस
आईटीएआई से झटका लगने के बाद कांग्रेस अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश पर कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं, इसके खिलाफ जल्द ही उच्च न्यायालय जाएंगे। कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेक तन्खा ने कहा कि अधिकरण ने इस संबंध में पिछले उदाहरणों का भी अनुसरण नहीं किया है और पार्टी जल्द ही उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
क्या है पूरा मामला
आयकर विभाग ने पिछले दिनों 210 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रमुख खाते ‘फ्रीज’ कर दिए थे। हालांकि बाद में आयकर अपीलीय अधिकरण ने अगली सुनवाई होने तक खातों पर रोक हटा दी थी। इस मामले में तन्खा ने बतौर अधिवक्ता कांग्रेस की पैरवी की। कांग्रेस ने पिछले महीने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर "आर्थिक आतंकवाद'' शुरू करने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि उसके खातों से 65 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ‘‘डाका डालकर’’ निकाल ली गई, ताकि लोकसभा चुनाव से पहले उसे आर्थिक रूप से अपंग बनाया जा सके।
