Waynad Bypoll: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा वायनाड सीट खाली करने के बाद वहां से प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने पर भाकपा (CPI) नेता एनी राजा ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह तय करने की जरूरत है कि उनकी सबसे बड़ी दुश्मन सांप्रदायिक-फासीवादी ताकतें हैं या वामपंथी पार्टियां।
क्या एनी राजा लड़ेंगे उपचुनाव?
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली एनी राजा ने कहा कि उनकी उम्मीदवारी पर फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट अपने पास रखेंगे और वायनाड सीट छोड़ देंगे, जहां से उनकी बहन प्रियंका चुनाव लड़ेंगी।
एनी राजा ने कांग्रेस के फैसले का किया स्वागत
समाचार एजेंसी भाषा के साथ बातचीत में भाकपा नेता ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का फैसला है। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं। यह अच्छी बात है कि यूडीएफ ने महिला उम्मीदवार की घोषणा की है। संसद में महिलाओं की संख्या कम होती जा रही है। सभी राजनीतिक दलों को इस बारे में चिंता करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, 'यूडीएफ ने महिला उम्मीदवार घोषित किया है, मैं इसका स्वागत करती हूं, लेकिन यह सवाल मैंने तब भी उठाया था जब राहुल गांधी चुनाव लड़े थे, मैं आज प्रियंका गांधी से पूरे सम्मान के साथ यह सवाल पूछ रही हूं... आपके और आपकी पार्टी के लिए सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? सांप्रदायिक-फासीवादी ताकतें या वामपंथी पार्टियां?'
'इंडी गठबंधन की नेता हैं प्रियंका गांधी'
एनी राजा ने कहा कि हालांकि लोकसभा में राजग का संख्या बल कम हो गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सांप्रदायिक-फासीवादी ताकतें कमजोर हो गई हैं। उन्होंने कहा, 'वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की हर पार्टी विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडी गठबंधन) का हिस्सा है, मैं यह कह सकती हूं कि वह (प्रियंका गांधी) भी इंडी गठबंधन की नेता हैं। नेता खुद गठबंधन की एक पार्टी के खिलाफ लड़ रही हैं।'
केरल में एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। वहीं, कांग्रेस और वामपंथी दल विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं। एनी राजा ने कहा, 'जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, कांग्रेस पार्टी की नेता प्रियंका का सवाल है तो आप अपनी पार्टी और इस देश के लोगों के सबसे बड़े दुश्मन के रूप में किस ताकत को देखते हैं... क्या यह फासीवादी ताकतें हैं या वामपंथी पार्टियां हैं? हालांकि, इस कदम से इंडी गठबंधन की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और भाकपा सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए प्रतिबद्ध है।'
