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बिगड़े बोल: रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा समर्थकों को दिया श्राप, कहा- 'BJP को वोट देने वाले राक्षस'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 14, 2023, 11:34 AM IST

Randeep Surjewala: कैथल की एक रैली के दौरान रणदीप सुरजेवाला कहते हुए नजर आ रहे हैं कि जो लोग भाजपा को वोट देते हैं और भाजपा समर्थक हैं, वे राक्षस प्रवृत्ति के हैं। मैं महाभारत की इस भूमि से उन्हें श्राप देता हूं।

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रणदीप सुरजेवाला

Photo : BCCL

Randeep Surjewala: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरेजवाला का एक विवादित वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह भाजपा समर्थकों पर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं। कैथल की एक रैली के दौरान रणदीप सुरजेवाला कहते हुए नजर आ रहे हैं कि जो लोग भाजपा को वोट देते हैं और भाजपा समर्थक हैं, वे राक्षस प्रवृत्ति के हैं। मैं महाभारत की इस भूमि से उन्हें श्राप देता हूं।

सुरजेवाला इस दौरान हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा, बच्चों के पेपर और भविष्य को मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला मंडी में बोली लगाकर बेचते हैं। उन्हें नौकरी मत दो, कम से कम मौका तो दो। जाकर पूछना उस मां-बाप से वे कहते हैं नौकरी न दो मौका तो दो, बच्चे को परीक्षा में बैठने का मौका तो दो।

दर्द से कराह रहा हरियाणा

सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, मेरा हरियाणा दर्द से कराह रहा है। सीईटी पास नौजवान के आंखों में आसुंओं का सैलाब है। जींद में तो हद ही हो गई, अब रविदासिया व वाल्मीकि समुदाय को गुरू रविदास व महर्षि वाल्मीकी जी की मूर्ति तक लगाने नहीं दी जा रही है। उनके खून के आंसुओं का हिसाब कौन देगा। कांग्रेस नेता ने कहा, मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला की भ्रष्टाचारी, अन्यायी सरकार से नहीं जब तक इसका हिसाब नहीं ले लेता, मैं चैन से बैठने वाला नहीं हूं।

पहले भी बोला था हमला

बता दें, जींद में पहले भी रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि भाजपा और जजपा ने जनता की पीठ और सीने में खंजर घोंपा है। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोप भी लगाए थे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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