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'संसद में रखना चाहता हूं अपनी बात', बोले राहुल- अडानी पर डरी है सरकार, ध्यान भटकाने का कर रही प्रयास

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 16, 2023, 04:08 PM IST

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयानों पर हंगामा मचा हुआ है। भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रही है। इस बीच राहुल गांधी ने प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित किया।

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राहुल गांधी

Photo : ANI

भाजपा के आरोपों के बीच कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अडानी मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, मैं संसद में बयान देना चाहता हूं, लेकिन हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा, सुबह मैं संसद गया था और लोकसभा अध्यक्ष से बात की कि मैं बोलना चाहता हूं। सरकार के चार मंत्रियों ने मुझ पर आरोप लगाए थे, इसलिए मुझे सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा, आज मेरे पहुंचने के एक मिनट बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। मुझे उम्मीद है कि मुझे कल संसद में बोलने दिया जाएगा। राहुल ने आगे कहा, कुछ दिन पहले मैंने पीएम मोदी और गौतम अडानी पर सवाल उठाते हुए सदन में भाषण दिया था, वह भाषण हटा दिया गया था। भाषण में ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे मैंने सार्वजनिक रिकॉर्ड से न निकाला हो।

देखें प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने क्या कहा-

अडानी मामले पर डरी हुई है सरकार

राहुल गांधी ने आगे कहा, सरकार और प्रधानमंत्री मोदी, अडानी मामले से डरे हुए हैं इसलिए उन्होंने यह तमाशा खड़ा किया है। मुझे लगता है कि मुझे संसद में बोलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, मेरा सीधा सा सवाल है कि मोदीजी और अडानीजी के बीच क्या संबंध है?

राहुल अपरिपक्व- शिवराज, जोशी बोले- मांगे माफी

इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, राहुल गांधी एक अपरिपक्व नेता हैं। वह विदेश में जाकर देश की आलोचना करते हैं। वह एक सच्चे भारतीय नहीं हैं। मुझे तो उनके भारतीय होने पर ही संदेह है। इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को संसद में माफी मांगनी चाहिए, पूरा देश उनसे माफी की मांग कर रहा है। सारे सांसद उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। विदेशी धरती पर इस तरह की बात बोलने के लिए उन्हें माफी मांगनी ही चाहिए।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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