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राहुल के लिए कांग्रेस का 'ब्लैक प्रोटेस्ट': TMC-AAP ने चौंकाया, केंद्रीय मंत्री का तंज- घोड़ों की रेस में गधा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 27, 2023, 02:04 PM IST

राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी दल काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच टीएमसी और आम आदमी पार्टी की एंट्री ने सभी को चौंका दिया है।

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संसद के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन (सोर्स-रंजीता झा)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Congress Black Protest: राहुल गांधी की सदस्यता रद्द किए जाने के बाद से कांग्रेस मुखर है। देश के कई राज्यों में पार्टी इसको लेकर प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस को कई विपक्षी पार्टियों का साथ भी मिला है, लेकिन अभी तक कई मसलों पर कांग्रेस का विरोध करती आ रही TMC और AAP ने भी खुलकर पार्टी का समर्थन किया है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में हुई विपक्ष की बैठक में टीएमसी और आम आदमी पार्टी की एंट्री ने राजनीतिक जानकारों को भी चौंका दिया है।

बता दें, सोमवार को राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस की बैठक हुई है। इसमें सदस्यता रद्द किए जाने का विरोध करते हुए विपक्षी पार्टियों सांसद काले कपड़ों में पहुंचे। इस बैठक में टीएमसी और आप के सांसद भी मौजूद रहे। बैठक में डीएमके, सपा, जदयू, बीआरएस, माकपा, राजद, एनसीपी, सीपीआई, टीएमसी, आप, शिवसेना समेत कई पार्टियां शामिल हुईं।

क्या बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

राहुल गांधी के समर्थन में चल रहे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भगवान राम को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान पर कहा, कहां भगवान राम और कहां ये (कांग्रेस) लोग, इससे पहले इन्होंने कहा था कि मैं सावरकर नहीं हूं मैं माफी नहीं मांगूगा। क्या इन्हें वीर सावरकर जैसे लोगों का योगदान पता है? यह घोड़ों की रेस में गधे को देखने जैसा है। उन्होंने कहा, भारत के लोगों को निर्णय करने दो। कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई है, तो वह न्यायिक प्रक्रिया से ही अपनी बात रखें।

मोदी के पास कोई जादू है तो देश को बताएं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है। नरेंद्र मोदी जी लोकतंत्र नहीं चाहते, इसलिए हम विरोध कर रहे हैं। हमारी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मांग भी नहीं मानी जा रही। हम चाहते हैं कि सत्य बाहर आए। उन्होंने कहा, अगर PM मोदी पास ऐसा कोई जादू है कि 2.5 साल में 12 लाख करोड़ बन सकते हैं, वह हम देश के लोगों को बताएं। हम जनता, लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। जो लोग इस मुहिम का समर्थन कर रहे हैं उनका धन्यवाद करता हूं।

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा- पूरा देश काले कपड़े में दिखेगा

RJD सांसद ने कहा की सरकार अपना पीठ थपथपा रही है की G20 के मेज़बानी कर रहे हैं, ख़ुद को “मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी” कहते हैं लेकिन इन्होंने मां की हत्या कर दी, वो दिन दूर नहीं जब पूरा देश इनके विरोध में काले कपड़े पहनेगा।

लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही बाधित

राहुल गांधी की अयोग्यता के फैसले का विरोध कर रही कांग्रेस का प्रदर्शन संसद के अंदर भी जारी रहा। दोनों ही सदनों में सोमवार को विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित हुई, जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। संसद में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने काले कपड़े पहनकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ सदस्यों को कागज फाड़कर हवा में उछालते हुए भी देखा गया।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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