मालेगांव में सियासी समीकरण बदले: मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस-बीजेपी साथ; क्या इस्लाम पार्टी को मिल सकता है फायदा?
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 2, 2026, 12:14 AM IST
कांग्रेस के तीन और बीजेपी के दो पार्षदों ने मिलकर एक स्वतंत्र समूह बनाया है, जिसका नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ रखा गया है। 84 सदस्यीय मालेगांव नगर निगम में किसी भी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, ऐसे में यह नया मोर्चा मेयर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
मालेगांव में बढ़ी सियासी गर्मी।
मालेगांव नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव से पहले राजनीति में बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। आमतौर पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पार्षदों ने एक साथ आकर नया मोर्चा बनाया है। इस अप्रत्याशित गठजोड़ से नगर निगम में सत्ता संतुलन बदलने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बनाया भारत विकास अघाड़ी
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के अनुसार बताया कि कांग्रेस के तीन और बीजेपी के दो पार्षदों ने मिलकर एक स्वतंत्र समूह बनाया है, जिसका नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ रखा गया है। 84 सदस्यीय मालेगांव नगर निगम में किसी भी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, ऐसे में यह नया मोर्चा मेयर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। बताया जा रहा है कि इस नए फ्रंट का नेतृत्व कांग्रेस पार्षद एजाज बेग करेंगे।
मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अभी बाकी
हालांकि मालेगांव नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं, लेकिन मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अभी होना बाकी है। इसी वजह से सभी दलों में जोड़-तोड़ और रणनीति बनाने का दौर तेज हो गया है। इस बीच कांग्रेस और बीजेपी का साथ आना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस्लाम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन मेयर पद के लिए समर्थन की होगी जरूरत
मालेगांव नगर निगम में इस्लाम पार्टी 35 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को 21 सीटें मिली हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को 18, समाजवादी पार्टी को 5, कांग्रेस को 3 और बीजेपी को 2 सीटें हासिल हुई हैं। संख्याबल के बावजूद इस्लाम पार्टी को मेयर पद जीतने के लिए अन्य दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। इस बार मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस्लाम पार्टी के प्रमुख और पूर्व विधायक आसिफ शेख अंतिम फैसला लेंगे। उनकी भाभी नसीरीन शेख को पार्टी की ओर से मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
क्या है नियम
नियमों के मुताबिक, आरक्षण अधिसूचना जारी होने के 8 से 12 दिनों के भीतर नगर निगम की विशेष बैठक बुलाकर मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव कराना अनिवार्य है। ऐसे में आने वाले दिन मालेगांव की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
इस बात की भी लग रही अटकलें
कांग्रेस-बीजेपी के इस नए गठजोड़ के बाद यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि डिप्टी मेयर के चुनाव में इस्लाम पार्टी को अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है। वहीं AIMIM के नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मालेगांव समेत कुछ नगर निगमों में AIMIM से समर्थन मांगा था। हालांकि जलील ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी न तो बीजेपी और न ही शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी की स्थानीय इकाइयों ने अंबरनाथ और अकोट नगर परिषदों में कांग्रेस और AIMIM के साथ गठजोड़ किया था, जिस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि ऐसे गठबंधन पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बिना हैं और अनुशासन का उल्लंघन करते हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।