Chennai Delimitation Summit: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन द्वारा चेन्नई में 22 मार्च को परिसीमन पर बुलाई गई राज्यों की बैठक में अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजेगी। तृणमूल के एक सूत्र ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि मतदाता पहचान-पत्र क्रमांक के दोहराव का मुद्दा वर्तमान में अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका बिहार, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों पर असर पड़ सकता है। बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने हैं, जबकि केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव 2026 में होने हैं। स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक ने बैठक के लिए सात राज्यों- केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब संपर्क किया है।
बैठक को सीएम स्टालिन ने बताया ऐतिहासिक
दूसरी ओर सीएम स्टालिन ने आगामी संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक को भारतीय संघवाद के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और 22 मार्च को चेन्नई में इस विवादास्पद मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कई राज्यों के नेताओं का स्वागत किया। एक्स पर एक पोस्ट में स्टालिन ने इस बात पर जोर दिया कि तमिलनाडु की पहल के रूप में जो शुरू हुआ वह अब निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, जिसमें राज्य संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अनुचित आवंटन के विरोध में एकजुट हो रहे हैं। 5 मार्च को तमिलनाडु की सर्वदलीय बैठक पर प्रकाश डालते हुए स्टालिन ने कहा कि 58 पंजीकृत राजनीतिक दल निष्पक्ष परिसीमन प्रक्रिया की मांग करने के लिए एक साथ आए। चेन्नई की सभा को विपक्षी दलों द्वारा भाजपा के खिलाफ ताकत दिखाने के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि संसदीय सीट आवंटन में संभावित बदलावों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
