Clashes in indore: मध्य प्रदेश के इंदौर के महू इलाके में रविवार रात आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत की जीत का जश्न मना रहे लोगों पर पथराव हुआ। इस पथराव के बाद उपद्रवियों ने कुछ वाहनों और दुकानों में आग लगा दी। पथराव और आगजनी की यह घटना महू इलाके में जामा मस्जिद के समीप हुई। इस हिंसक घटना पर इंदौर के जिलाधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि इलाके में शांति स्थापित कर दी गई है। अब किसी तरह की समस्या नहीं है। जिलाधिकारी ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सिंह ने कहा कि इस उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मामले मे में आगे की जांच जारी है।
इलाके में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी
इंदौर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक हितिका वसल ने बताया कि जश्न मनाए जाने को लेकर इलाके में दो गुटों के बीच तनाव फैल गया। यहां हिंसा की कुछ घटनाएं भी हुईं। यह उपद्रव चैम्पियंस ट्राफी में भारत की जीत के बाद हुआ। कुछ लोग पटाखे चलाए जाने का विरोध कर रहे थे। अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। लोग किसी तरह की फर्जी खबरों पर विश्वास न करें। शांति कायम करने के लिए यहां पुलिस बल की पर्याप्त मौजूदगी है। हम इलाके का गश्त कर रहे हैं।
हिंसा में तीन लोग घायल-एसपी
एसपी ने कहा, 'यह घटना क्यों और कैसे हुई इसकी जांच की जाएगी और सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस हिंसक घटना में जो लोग भी शामिल हैं, उन्हें सजा मिलेगी। इस हिंसा में तीन लोग घायल हुए हैं। आगे मामले की जांच जारी है।'
जामा मस्जिद इलाके में हुई हिंसा
रिपोर्टों के मुताबिक एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि भारतीय टीम की जीत के बाद पूरे महू में जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान वाहन रैली के माध्यम से 100 से ज्यादा लोग पूरे शहर में जश्न मना रहे थे। जब वाहन रैली जामा मस्जिद इलाके में पहुंची तो वहां पर जय श्री राम के नारे लगाए गए। इस दौरान रैली का बड़ा हिस्सा इलाके से गुजर गया जबकि कुछ लोग भीड़ अधिक होने की वजह से इलाके में फंस गए। इसके बाद मारपीट की घटना हुई। जब रैली में आगे निकल गए लोगों को पता चला कि जामा मस्जिद इलाके में विवाद हो रहा है तो रैली वापस पलट कर वहां पहुंची, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
