CJP Protest: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) के आंदोलन ने शनिवार को बेहद उग्र रूप ले लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़पों के बाद दिल्ली पुलिस ने 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान हुए पथराव और धक्का-मुक्की में 'पिंक फोर्स' की एक महिला कर्मी समेत कम से कम छह पुलिस अधिकारी घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आरोप में कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, जिनमें यूट्यूबर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) और वामपंथी नेता भी शामिल हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे "आपातकाल से भी बदतर" करार दिया है।
दूसरी ओर, सीजेपी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए आंदोलन को लगातार जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई "वोट-चोरी" से आई सरकार के खिलाफ है और वे रविवार को फिर जंतर-मंतर की ओर मार्च करेंगे। प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के मुंबई प्रमुख प्रणय अहिरे को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पार्टी ने पुलिस पर अधिकार के दुरुपयोग और बर्बरता का सीधा आरोप लगाया है।
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CJP नेताओं का कई घंटों से पता नहीं-शिंदे
इसी बीच, हिरासत में लिए गए सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दिपके की लोकेशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एक तरह से 'अघोषित हिरासत' में रखा हुआ है और कई घंटों से उनसे किसी का संपर्क नहीं होने दिया जा रहा है। शिंदे ने बताया कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है और उनका परिवार अंतिम संस्कार के लिए उनसे बात तक नहीं कर पा रहा है।
दिपके की दादी के निधन पर क्या बोली दिल्ली पुलिस?
हालांकि, आरोपों पर सफाई देते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मानवीय आधार पर अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दे दी है और उन्हें गृह नगर जाने के लिए जरूरी सहायता की पेशकश भी की है। बावजूद इसके, सीजेपी नेताओं का कहना है कि उनके वकीलों तक को दिपके से मिलने नहीं दिया जा रहा है। फिलहाल पूरी दिल्ली में सुरक्षा सख्त कर दी गई है और पुलिस घायल कर्मियों पर हुए हमले के मामले में अलग से एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
प्रदर्शनकारियों को इलाके से दूर रखने के लिए लुटियन दिल्ली में 30 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए। हिरासत में लिए गए CJP प्रदर्शनकारियों समेत राजनीतिक दल के नेता भी शामिल थे। आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित विपक्ष के कई नेताओं को राजधानी में अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। ये नेता कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
माकपा महासचिव एम ए बेबी, वरिष्ठ वामपंथी नेता बृंदा करात, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा को भी हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ’छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चेन्नई में थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मूल चरित्र कायरता है। कांग्रेस ने कॉजपा के प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। हालांकि उसने कथित वोट चोरी को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किए हैं।
