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धमकी नहीं देनी चाहिए, कानून-व्यवस्था की समस्या...सड़क पर विरोध करने पर CJI सूर्यकांत की युवाओं को नसीहत

Supreme Court News: CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी को भी धमकी देने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।

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धमकी नहीं देनी चाहिए, कानून-व्यवस्था की समस्या...सड़क पर विरोध करने पर CJI सूर्यकांत की युवाओं को नसीहत

Supreme Court on Youth Protest: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने विरोध-प्रदर्शन को लेकर अहम टिप्पणी की। अदालत में यह दावा किया गया कि सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे उनका करियर और भविष्य प्रभावित हो सकता है।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी को भी धमकी देने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सड़क पर उतरकर आम लोगों के लिए परेशानी पैदा नहीं करनी चाहिए।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कानून के तहत जो अनुमति है, उसी दायरे में प्रदर्शन होना चाहिए। सार्वजनिक व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को प्रभावित करने वाला विरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नवी मुंबई एयरपोर्ट के नाम बदलने की मांग

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी नवी मुंबई एयरपोर्ट के नाम बदलने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में मांग की गई थी कि एयरपोर्ट का नाम जन नेता डी. बी. पाटिल के नाम पर रखा जाए।

हालांकि अदालत ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट का नामकरण पूरी तरह 'पॉलिसी मैटर' है और यह राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि एयरपोर्ट के नाम का सिविल राइट्स से क्या संबंध है। अंत में अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की मांग सरकार के सामने रखी जानी चाहिए, अदालत के सामने नहीं।

सुप्रीम कोर्ट का एक और अहम फैसला

उच्चतम न्यायालय ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगहों पर भेजने व उनके बंध्याकरण संबंधी अपने पूर्व के निर्देशों को वापस लेने के अनुरोध वाली सभी याचिकाएं और आवेदन मंगलवार को यह कहते हुए खारिज कर दिए कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमले से मुक्त होकर जीने का अधिकार भी शामिल है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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