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भारत के चीफ जस्टिस के पास कितनी संपत्ति? बस एक क्लिक में देखिए सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों की प्रॉपर्टी

SC Judges Assets: सुप्रीम कोर्ट के 33 में 21 न्यायाधिशों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। सीजेआई संजीव खन्ना समेत होने वाले सीजेआई बी आर गवई ने भी अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर दी है। देखिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संपत्ति की लिस्ट

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भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (फाइल फोटो)

Photo : PTI

SC Judges Assets: सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शिता लाने के लिए अपने जजों की संपत्ति का ब्यौरा अब सार्वजनिक कर दिया है। जिसमें सीजेआई संजीव खन्ना समेत कई न्यायाधीश शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही यह निर्णय लिया था कि उसके सभी जज, अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करेंगे, ताकि न्यायव्यवस्था में नागरिकों का विश्वास और बढ़ सके।

सुप्रीम कोर्ट के कितने न्यायाधिशों ने संपत्ति की घोषित

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल 33 न्यायाधीश हैं, जिसमें से 12 न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से प्राप्त न्यायाधीशों की संपत्ति का विवरण अपलोड किया जा रहा है। अन्य न्यायाधीशों की संपत्ति का विवरण भी प्राप्त होते ही अपलोड कर दिया जाएगा।

CJI संजीव खन्ना के पास कितनी संपत्ति

भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के पास सावधि जमा और बैंक खातों में 55.75 लाख रुपये और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) में 1.06 करोड़ रुपये हैं, उनकी जमीनी संपत्तियों में दक्षिण दिल्ली में दो बेडरूम का डीडीए फ्लैट और कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में चार बेडरूम का फ्लैट शामिल है। गुरुग्राम में चार बेडरूम के फ्लैट में भी उनकी 56 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि उनकी बेटी के पास बाकी 44 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में विभाजन से पहले के एक पुश्तैनी घर में भी उनकी हिस्सेदारी है।

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होने वाले सीजेआई बी आर गवई के पास कितनी संपत्ति

जबकि न्यायमूर्ति बी आर गवई, जो 14 मई को मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे, के बैंक खातों में 19.63 लाख रुपये और पीपीएफ खाते में 6.59 लाख रुपये हैं। जस्टिस गवई को महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर के अलावा मुंबई और दिल्ली में आवासीय अपार्टमेंट भी मिले हैं। सूची के अनुसार, उन्हें अमरावती और नागपुर में कृषि भूमि भी विरासत में मिली है। उन्होंने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी भी घोषित की है।

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सुप्रीम कोर्ट ने किया था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर इस फैसले को लेकर लिखा- "भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्ण कोर्ट ने यह संकल्प लिया था कि न्यायाधीशों को पदभार ग्रहण करने पर मुख्य न्यायाधीश को अपनी संपत्ति की घोषणा करनी चाहिए। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की गई घोषणाएं भी शामिल हैं। सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर संपत्ति की घोषणा करना अनिवार्य होगा।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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