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NEET-UG मामले में 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, CJI चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में बेंच गठित

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG परीक्षा से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में बेंच गठित कर दी गई है। इस पीठ में सीजेआई के अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को अहम सुनवाई करेगा।

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Supreme Court

NEET-UG Paper Leak: विवादो में घिरी नीट-यूजी परीक्षा को लेकर लंबित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को अहम सुनवाई करेगा। लंबित याचिकाओं की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में पीठ गठित कर दी गई और लगभग सभी याचिकाओं को गर्मियों की छुट्टियों के बाद 8 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ में सीजेआई के अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा भी शामिल हैं।

वहीं, नीट-यूपी परीक्षा में ओएमआर शीट में छेड़छाड़ से जुड़ी नई याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के लिए टाल दिया था। यह याचिका सोमवार को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश की गयी थी, जिस पर सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है।

ओएमआर शीट बदलने का है आरोप

नई याचिका में मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने वाले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की ओएमआर शीट बदल दी गयी। पीठ ने वकील से कहा कि याचिकाकर्ता 23 जून को दोबारा हुई परीक्षा में बैठने की अनुमति मांग रहा था। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), 2024 में अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली और इसे रद्द करने का अनुरोध करने वाली कई अन्य याचिकाएं उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी

वहीं, उच्चतम न्यायालय ने नीट-यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच का अनुरोध करने संबंधी याचिकाओं पर 20 जून को केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा था। इससे पहले 18 जून को उच्चतम न्यायालय ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा था कि परीक्षा के आयोजन में किसी की तरफ से यदि ‘0.001 प्रतिशत लापरवाही’ भी हुई हो, तब भी उससे पूरी तरह से निपटा जाना चाहिए।

क्या है मामला?

पांच मई को हुई नीट-यूजी 2024 परीक्षा 4,750 केंद्रों में करायी गयी और करीब 24 लाख अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए। पहले परीक्षा के परिणाम 14 जून को आने की उम्मीद थी लेकिन उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन समय से पहले होने के कारण नतीजे चार जून को घोषित कर दिए गए। इसके बाद परीक्षा प्रश्नपत्र लीक समेत अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कई शहरों में प्रदर्शन हुए और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए।

आरोप लगे थे कि कृपांक की वजह से हरियाणा के एक ही केंद्र से छह परीक्षार्थियों के साथ 67 अन्य उम्मीदवारों को पूरे 720 अंक मिले। इसके बाद केंद्र और एनटीए ने 13 जून को शीर्ष अदालत को बताया था कि उन्होंने 1,563 अभ्यर्थियों को दिए कृपांक रद्द कर दिए हैं। जिन विद्यार्थियों को कृपांक दिए गए थे, उन्हें पुन: परीक्षा या कृपांक छोड़ने का विकल्प दिया गया। एनटीए ने सोमवार को नीट-यूजी के लिए पुन: परीक्षा के परिणाम घोषित किए और संशोधित रैंक सूची जारी की। यह पुन: परीक्षा 23 जून को करायी गयी थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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