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देशभर के हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर सरकार का आदेश, दिल्ली एयरपोर्ट हादसे के बाद लिया ये फैसला

Delhi News: दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल 1 पर हुए हादसे के बाद सरकार एक्शन मोड में है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने देशभर के सभी छोटे बड़े एयरपोर्ट की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। आपको इस आदेश की बड़ी बातें बताते हैं।

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दिल्ली एयरपोर्ट, टर्मिनल 1

Photo : Twitter

Delhi Airport Terminal 1 Accident: दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल 1 पर हुए हादसे के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय सतर्क हो गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने देशभर के सभी छोटे बड़े एयरपोर्ट्स की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। बता दें, देश की राजधानी दिल्ली में भारी बारिश के बीच शुक्रवार तड़के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा वहां खड़ी कारों पर गिर पड़ा, जिससे एक कैब चालक की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद विमानों का परिचालन स्थगित करना पड़ा।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

संरचनात्मक ताकत निरीक्षण भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) को संरचनात्मक ताकत का गहन निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। देशभर के सभी छोटे और प्रमुख हवाई अड्डों को एक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया गया। ये सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट निरीक्षण अगले 2 से 5 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। देशभर के सभी एयरपोर्ट का सेफ्टी क्लीयरेंस रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंपी जाएगी।

टर्मिनल-1 पर पहुंचकर मंत्री ने लिया हालात का जायजा

हादसे के बारे में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान रोहिणी के रहने वाले रमेश कुमार (45) के रूप में हुई है। नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने टर्मिनल-1 पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों ने बताया कि तड़के करीब साढ़े पांच बजे घटना की सूचना मिलने के बाद तीन दमकल गाड़ियों को हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (टी-1) पर भेजा गया।

घायल हुए लोगों को मेदांता अस्पताल में कराया भर्ती

अधिकारियों ने बताया कि छत के अलावा सहारा देने के लिए लगाए गए खंभे (सपोर्ट बीम) भी गिर गए, जिससे टर्मिनल के ‘पिक-अप और ड्रॉप एरिया’ में खड़ी कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। ‘पिक-अप और ड्रॉप एरिया’ वह भाग है, जहां यात्रियों को लाने-ले जाने वाले वाहन खड़े होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को हवाई अड्डे के पास स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि रमेश कुमार को उस कार से निकाला गया था, जिस पर लोहे का बीम गिरा था। अधिकारियों ने बताया कि इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-एक पर हुए हादसे के बाद यहां मलबा हटाने का काम जारी है।

पुलिस उपायुक्त (आईजीआई) ऊषा रंगनानी ने बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के 'टर्मिनल-1' के बाहर वाले ‘शेड’ के सुबह करीब पांच बजे ध्वस्त होने से चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। यह शेड प्रस्थान स्थल के द्वारा संख्या एक से द्वार संख्या दो तक फैला था। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और छह लोग घायल हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं।

हादसे में घायल हुए लोगों को जानिए

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घायलों की पहचान संतोष कुमार यादव (28), शुभम शाह (30), दशरत अहिरवार (25), अरविंद गोस्वामी (34), साहिल कुंदन (27) और योगेश धवन (44) के रूप में हुई है। अधिकारी ने कहा कि ये सभी दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश के निवासी हैं, जबकि मृतक की पहचान रमेश कुमार के रूप में हुई है। इससे पहले नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में हवाई अड्डे के 'टी-1' पर छत का एक हिस्सा गिरने की घटना की निगरानी कर रहा हूं। घटनास्थल पर बचावकर्मी काम कर रहे हैं। साथ ही विमानन कंपनियों को टी1 पर सभी प्रभावित यात्रियों की सहायता करने की सलाह दी गई है।' उन्होंने कहा, 'घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। बचाव कार्य अभी भी जारी है।'

अगली सूचना तक निलंबित रहेगा उड़ानों का संचालन

सूत्रों ने बताया कि टर्मिनल-एक पर उड़ानों का प्रस्थान दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया है और हवाई अड्डा संचालक अस्थायी रूप से परिचालन को 'टर्मिनल-दो' और 'टर्मिनल-तीन' पर स्थानांतरित करने पर विचार कर रहा है। टर्मिनल-1 केवल घरेलू उड़ानों का संचालन करता है। सूत्रों ने बताया कि छत का हिस्सा गिरने की घटना के तुरंत बाद उड़ानों का प्रस्थान स्थगित कर दिया गया। हालांकि, जो यात्री पहले से ही टर्मिनल के अंदर थे, वे अपनी उड़ानों में सवार हो गए। नायडू ने कहा कि टी-1 से उड़ानों का संचालन अगली सूचना तक निलंबित रहेगा।

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (डायल) के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'आज सुबह से जारी भारी बारिश के कारण दिल्ली में हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पुराने प्रस्थान प्रांगण में छत का एक हिस्सा तड़के करीब पांच बजे गिर गया। इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की खबर है और आपातकालीन कर्मी प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता और चिकित्सकीय मदद प्रदान कर रहे हैं।' प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना के कारण टर्मिनल-1 से सभी विमानों का प्रस्थान अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘चेक-इन काउंटर’ बंद कर दिए गए हैं।

रोजाना होती है करीब 1400 उड़ानों की आवाजाही

टर्मिनल पर विमानों का प्रस्थान स्थगित होने के कारण कुछ उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं। इंडिगो विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण टी-1 पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा, 'इससे दिल्ली में उड़ानें रद्द हो गई हैं क्योंकि यात्री टर्मिनल में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। टर्मिनल के अंदर पहले से मौजूद यात्री अपनी नियोजित उड़ानों में सवार हो सकेंगे, लेकिन जिन यात्रियों को दिन में (अन्य समय पर) उड़ानों में सवार होना था, उन्हें अन्य विकल्प दिए जाएंगे।'

स्पाइसजेट विमानन कंपनी ने सोशाल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि टी-1 अगले नोटिस तक संचालन के लिए आंशिक रूप से बंद रहेगा। टी-1 से इंडिगो और स्पाइसजेट द्वारा केवल घरेलू उड़ानों का संचालन किया जाता है। हवाई अड्डे पर तीन टर्मिनल टी-1, टी-2 और टी-3 हैं, जहां प्रतिदिन करीब 1400 उड़ानों की आवाजाही होती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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