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पूर्व अग्निवीरों के लिए BSF और CISF के लिए भी दरवाजे खुले, 10 फीसद आरक्षण के साथ उम्र में भी मिलेगी छूट

Ex Agniveers : गृह मंत्रालय के निर्णय के बाद बीएसएफ और सीआईएसफ ने पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन वाला यह निर्णय सुरक्षाबलों को और मजबूत बनाएगा।

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पूर्व अग्निवीरों के हित में बीएसएफ, सीआईएसएफ का फैसला।

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • पूर्व अग्निवीरों को अब बीएसएफ और सीआईएसएफ 10 फीसद आरक्षण मिलेगा
  • दोनों बलों में उनकी आयु सीमा में रियायत और शीरिक प्रशिक्षण में छूट मिलेगी
  • 70 हजार अग्निवीरों की तैनाती हो चुकी है, पहले बैच को उम्र में 5 साल की छूट

Ex Agniveers : सेना में चार साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए अच्छी खबर है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) पूर्व अग्निवीरों को अपने यहां समाहित करेंगे। दोनों बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फीसद आरक्षण होगा। इसके अलावा उन्हें उम्र सीमा में रियायत और शारीरिक परीक्षा में छूट मिलेगी। इस बारे में गृह मंत्रालय के निर्णय के बाद बीएसएफ और सीआईएसफ ने पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन वाला यह निर्णय सुरक्षाबलों को और मजबूत बनाएगा।

सेना में अब तक 1 लाख अग्निवीरों का हुआ नामांकन

सेना से एजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल सीबी पोनप्पा ने रविवार को कहा कि सेना में अब तक एक लाख अग्निवीरों का नामांकन हो गया है और इनमें से करीब 70,000 को उनके यूनिटों में तैनाती हो गई है। जनरल पोपन्ना ने यह भी बताया कि 2024-25 के लिए करीब 50,000 भर्तियों के लिए विज्ञप्ति जारी हो चुकी है और भर्ती प्रक्रिया जारी है।

उत्तराखंड पुलिस में समायोजन पर विचार

कुछ दिनों पहले उत्तराखंड सरकार सेना ने कहा कि वह अग्निवीरों को पुलिस तथा अन्य सरकारी विभागों में समायोजित करने के लिए आरक्षण देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस संबंध में एक ठोस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है जिसमें पुलिस व अन्य सरकारी विभागों में अग्निवीरों को आरक्षण देने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा, देश सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें कई क्षेत्रों में रोजगार संबंधित प्रशिक्षण देने के वास्ते कौशल विकास योजना भी तैयार की जा रही है।

सीएम धामी ने प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा प्रदेश है जहां के युवा बड़े पैमाने पर भारतीय सेना में भर्ती होते हैं, लिहाजा, सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को नियोजित करने में राज्य सरकार अपनी तरफ से कोई कसर बाकी नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'सरकार चाहती है कि सेना में चार साल पूरे होने के बाद भी अग्निवीरों को राज्य में नौकरी व रोजगार के भरपूर अवसर मिलें। सेवानिवृत्त अग्निवीरों का राज्य की सेवा में भरपूर उपयोग किया जाएगा ताकि वे भी राज्य के विकास में सहभागी बन सकें।'

अग्निवीरों के लिए आरक्षण का भी प्रावधान होगा

इससे पहले, दिन में एक कार्यक्रम के दौरान धामी ने कहा कि देश सेवा कर लौटने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना लाए जाने के बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों, जवानों तथा अन्य लोगों के साथ बैठक की थी और 15 जून 2022 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर घोषणा की थी कि उनकी सरकार पुलिस समेत राज्य के अन्य विभागों में देश सेवा करके आने वाले अग्निवीरों को समायोजित करेगी और उन्हें प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण का भी प्रावधान किया जाएगा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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