Mortar Exploded In Jalpaiguri : सिक्किम बाढ़ में बहकर आए सेना के मोर्टार से पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी इलाके में एक बच्चे की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। दरअसल, बाढ़ में बहकर आई लकड़ियों को निकाल रहे बच्चे मोर्टार को भी घर लेकर आए और जब वे इसे खोल रहे थे तो वह फट गया। घायल पांच लोगों को इलाज केलिए जलपाईगुड़ी अस्पताल एवं नार्थ बंगाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दुर्भाग्यपूर्ण घटना-जलपाईगुड़ी के विधायक
घटना के बारे में जलपाईगुड़ी के विधायक प्रदीप कुमार बर्मा ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सेना का मोर्टार सिक्किमी से तीस्ता नदी की बाढ़ में बहते हुए यहां पहुंचा था। यहां नदी किनारे लोग बाढ़ में आई वस्तुओं को निकाल रहे थे। लोग मोर्टार को लेकर घर गए और उसे खोलने की कोशिश की। इसी दौरान वह फट गया। इस घटना में 6 लोग घायल हुए। इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई। घायलों का इलाज जलपाईगुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
अब तक 18 शव बरामद, 98 लोग लापता
सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद मची तबाही में अब तक 18 लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 98 लोग लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम तीस्ता नदी के जलग्रहण क्षेत्र और उत्तर बंगाल के निचले हिस्से में दूसरे दिन भी लापता लोगों की तलाश में जुटी रहीं।
ल्होनक झील में बुधवार तड़के आई बाढ़
मुख्य सचिव वी बी पाठक ने कहा कि उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील में बुधवार तड़के अचानक आई बाढ़ की त्रासदी में अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 22 सैन्यकर्मियों सहित 98 लोग लापता हैं। पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बयान में कहा कि 18 शवों में से चार की पहचान ‘जवानों’ के रूप में की गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वे लापता 22 जवानों में से चार के शव हैं।
चुंगथांग में बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान
चुंगथांग शहर में बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान हुआ है जिसमें इसका 80 प्रतिशत हिस्सा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राज्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण राजमार्ग संख्या-10 के कई हिस्सों को भी क्षति पहुंची है। मंगन जिले में इस आपदा से लगभग 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि पाकयोंग में 6,895, नामचि में 2,579 और गंगटोक में 2,570 लोग प्रभावित हुए हैं।
