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नहीं बनाया संबंध तो हुई लड़ाई, कुएं में कूद गई पत्नी; पहले बचाया फिर कर दिया मर्डर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 19, 2023, 10:13 AM IST

Chhattisgarh News: जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी ने सोमवार रात शराब पी थी। इसके बाद पति ने पत्नी के साथ संबंध बनाने की इच्छा जताई, हालांकि, पत्नी ने इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था।

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शारीरिक संबंध बनाने को लेकर पति-पत्नी में हुआ झगड़ा।

Photo : iStock

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जशपुर से हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां संबंध न बनाने को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा हो गया, जिसके बाद पत्नी गुस्से में कुएं में कूद गई। इसके बाद पति ने भी पत्नी को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी और उसे बाहर निकाला।

हालांकि, बात यहीं नहीं रुकी। घटना के बाद पति आगबबूला हो गया और उसने अपनी पत्नी के प्राइवेट पार्ट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद पति पूरी रात पत्नी के शव के पास बैठा रहा।

दोनों ने साथ पी थी शराब

जानकारी के मुताबिक, जशपुर के रहने वाले शंकर राम और उसकी पत्नी आशा बाई ने सोमवार को एक साथ शराब पी थी। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाने की इच्छा जताई, हालांकि आशा ने इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों में झगड़ा हो गया, बात इतनी बढ़ गई कि पत्नी ने पास के ही कुएं में छलांग लगा दी।

आशा को बचाने पति भी कूदा

पत्नी आशा के कुएं में छलांग लगाने के बाद पति शंकर राम भी कुएं में कूद गया। उसने पत्नी को सकुशल बाहर भी निकाल लिया। हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं हुई और दोनों में एक बार फिर से झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद पति गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने पत्नी के प्राइवेट पार्ट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह सारी रात उसके शव के पास बैठा रहा।

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस

पुलिस को जब इस घटना की जानकारी हुई तो पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद पति को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और केस दर्ज किया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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