Chhattisgarh Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार (22 दिसंबर, 2023) को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली कैबिनेट का विस्तार हुआ। राज्य की राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में दोपहर पौने 12 बजे नौ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने भारतीय जनता पार्टी के इन नौ विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वैसे, साय मंत्रिमंडल में सरगुजा संभाग से चार, बिलासपुर संभाग से तीन, रायपुर और दुर्ग संभाग से दो-दो और बस्तर संभाग से एक सदस्य होंगे।
- बृजमोहन अग्रवाल
- रामविचार नेताम
- दयालदास बघेल
- केदार कश्यप
- लखनलाल देवांगन
- श्याम बिहारी जायसवाल
- ओपी चौधरी
- टंक राम वर्मा
- लक्ष्मी राजवाड़े
- नए मंत्रियों में- अग्रवाल, नेताम, कश्यप और बघेल (पिछली भाजपा सरकारों में मंत्री रहे)
- पहली बार MLA बने- भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी से नेता बने चौधरी, वर्मा और राजवाड़े
- दूसरी बार जो बने विधायक - जायसवाल और देवांगन
कैबिनेट में हो सकते हैं 13 मिनिस्टर्स
मंत्रियों के विभागों के आवंटन को लेकर साय ने गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को बताया था कि जल्द ही विभागों का आवंटन भी कर दिया जाएगा। मंत्रिमंडल का एक और पद बाद में भरा जाएगा। 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीएम सहित अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं। वैसे, शुक्रवार को मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद राज्य में मंत्रियों की संख्या 12 हो गई। मौजूदा समय में साय मंत्रिमंडल में तीन सदस्य- मुख्यमंत्री साय और दो उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा हैं, जिन्होंने 13 दिसंबर को शपथ ली थी।मंत्रिमंडल में कौन किस जाति से?
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 12 में से छह सदस्य-अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, टंक राम वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से होंगे। वहीं तीन-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेताम और केदार कश्यप अनुसूचित जनजाति (एसटी) से हैं। राज्य मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) से एक सदस्य दयालदास बघेल और सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल हैं। राजवाड़े मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य हैं।दरअसल, राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर भाजपा ने पांच वर्ष बाद सत्ता में वापसी की है। भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 54 सीट जीती हैं, जबकि कांग्रेस 35 सीट ही हासिल कर सकी। राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को एक सीट मिली है।
