Chandra Nath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता त्रिभुवन नारायण सिंह का बयान आया है। त्रिभुवन ने अपने बेटे पर लगे आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है और कहा है कि सीबीआई सच्चाई का पता लगाएगी। ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं इस मामले में उसके शामिल होने के बारे में कुछ नहीं कह सकता; सीबीआई सच्चाई का पता लगाएगी।
मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार हुआ प्रमुख आरोपी राजकुमार
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, राजकुमार को मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार किया गया था और उस पर इस मामले में मुख्य शूटर होने का आरोप है। सीबीआई ने आरोपी के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली है और मंगलवार को उसे कोलकाता स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश करेगी। भारतीय वायु सेना में कार्यरत रहे रथ की 6 मई की देर रात मध्यग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
इससे पहले, सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की थी। पश्चिम बंगाल सरकार और भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी समानांतर अधिसूचनाओं के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस से यह मामला अपने हाथ में ले लिया गया था।
सीबीआई ने दोबारा दर्ज किया मामला
सीबीआई ने इसे नियमित मामले के रूप में दोबारा दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 103(1) (हत्या), धारा 61(1) (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 111(2)(ए) (संगठित अपराध) सहित कई धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 भी लगाई हैं। जांच एजेंसी ने पीड़ित के भाई की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की, जिसमें उसने कई अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रची गई एक पेशेवर और उच्च स्तरीय संगठित साजिश का आरोप लगाया है।
24 मई तक पुलिस हिरासत में तीन आरोपी
इस बीच, बिहार और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तारी के बाद अदालत ने तीन आरोपियों - मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। लोक अभियोजक अधिवक्ता बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित अतिरिक्त आरोप भी मांगे थे, जिन्हें अदालत ने जोड़ दिया है। चटर्जी ने पत्रकारों से कहा, तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अदालत ने उन्हें 24 मई तक यानी 13 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हमने साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित धारा जोड़ने की भी मांग की थी, जिसे अदालत ने जोड़ दिया है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद हुई इस हत्या ने पश्चिम बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हत्या को सुनियोजित हत्या करार देते हुए आरोप लगाया है कि चंद्रनाथ रथ को उनके साथ संबंध होने के कारण निशाना बनाया गया था, वहीं टीएमसी ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। (ANI)
