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NEET-UG 2026 Paper Leak: 2 जून तक जेल भेजे गए पांच आरोपी, शुभम खैरनार की सीबीआई रिमांड बढ़ाने की मांग

NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में छह आरोपियों को पेश किया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एक इंटर-स्टेट सिंडिकेट का हिस्सा थे, जो कथित “गेस पेपर” और हस्तलिखित प्रश्न सेट को लाखों रुपये लेकर छात्रों और कोचिंग नेटवर्क तक पहुंचाते थे। आरोप है कि यह सामग्री व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में फैलाई गई। CBI का दावा है कि पूछताछ में “इंसाइडर नेटवर्क” से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।

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नीट पेपर लीक के मामले में पांच आरोपियों को 2 जून तक हिरासत में भेजा गया। AI IMAGE

NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को मामले के पांच प्रमुख आरोपियों को 2 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने आरोपी शुभम खैरनार से पूछताछ के लिए उसकी सीबीआई रिमांड सात दिन और बढ़ाने की मांग की है।

सीबीआई की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद जांच एजेंसी ने इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इन्हें जेल भेजने का आदेश सुरक्षित किया।

इन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

  • मांगीलाल बीवाल
  • विकास बीवाल
  • दिनेश बीवाल
  • यश यादव
  • शुभम खैरनार
  • धनंजय लोखंडे

क्या है इन आरोपियों का कनेक्शन?

जांच सूत्रों के मुताबिक, ये आरोपी उस बड़े इंटर-स्टेट सिंडिकेट (अंतर-राज्यीय नेटवर्क) का हिस्सा हैं, जिसने परीक्षा से पहले कथित 'गेस पेपर' और हस्तलिखित प्रश्न सेट को मोटी रकम के बदले छात्रों और कोचिंग माफियाओं तक पहुंचाया था। धनंजय लोखंडे और बीवाल बंधुओं पर इस लीक सामग्री को महाराष्ट्र और राजस्थान के अलग-अलग केंद्रों और बिचौलियों के बीच कोऑर्डिनेट करने और डिजिटल माध्यमों (व्हाट्सएप/टेलीग्राम) से फैलाने का गंभीर आरोप है।

सीबीआई अब तक मुख्य मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन आरोपियों से पुलिस कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे इस पूरे 'इंसाइडर नेटवर्क' की कड़ियों को जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। फिलहाल, अदालती आदेश के बाद इन सभी को 2 जून तक सलाखों के पीछे रहना होगा।

'केमिस्ट्री के 100% सवाल ‘गेस पेपर’ से मैच'

एनटीए और सीबीआई की जांच में यह सामने आया है कि परीक्षा से पहले ही केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के प्रश्नों का शत-प्रतिशत मिलान होने वाले दस्तावेज छात्रों के बीच घूम रहे थे। इसी सुराग ने जांच एजेंसियों को एनटीए के भीतर और उससे जुड़े एक 'इंसाइडर नेटवर्क' (अंदरूनी सिंडिकेट) तक पहुंचाया।

परीक्षा से ठीक पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक 'गेस पेपर' या मॉक टेस्ट की 60 पन्नों की हैंडरिटन पीडीएफ फाइल वायरल हो रही थी। जब जांच एजेंसियों और एनटीए ने इसकी जांच की तो सामने आया कि परीक्षा में पूछे गए केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल इस गेस पेपर से हूबहू मेल खा रहे थे। किसी बाहरी व्यक्ति के लिए बिना अंदरूनी मदद के इतने सटीक सवाल तैयार करना नामुमकिन था, जिसने एनटीए के भीतर सक्रिय एक 'इंसाइडर सिंडिकेट' की पोल खोल दी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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