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संदेशखाली के सरगना की बढ़ेंगी मुश्किलें, CBI ने शाहजहां शेख समेत 7 के खिलाफ दायर की चार्जशीट

CBI files Chargesheet in Sandeshkhali Issue: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की ओर से बताया गया कि संदेशखाली में ईडी अधिकारियों पर हमला करने के के मामले में आरोपी शाहजहां शेख, उसके भाई शेख आलममगीर और अन्य सहित 7 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।

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शाहजहां शेख व अन्य के खिलाफ सीबीआई ने दाखिल की चार्जशी

Photo : ANI

CBI files Chargesheet in Sandeshkhali Issue: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पांच जनवरी को संदेशखालि में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हुए हमले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता शाहजहां शेख और छह अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जांच एजेंसी ने सोमवार को एक विशेष अदालत के समक्ष मामले में अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में ईडी की टीम पर 1,000 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था। यह हमला उस समय किया गया जब करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में टीम शेख के घर छापेमारी करने गई थी। टीम घोटाले में जांच के घेरे में आए राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक के साथ शेख के कथित करीबी संबंधों के कारण उसे गिरफ्तार करने गई थी।

आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास का आरोप

सीबीआई ने शाहजहां शेख, उसके भाई और पांच अन्य पर आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोप पत्र में सात लोगों के नाम हैं, जिनमें शेख, उसका भाई आलमगीर और सहयोगी जियाउद्दीन मुल्ला, मफुजर मुल्ला और दीदारबख्श मुल्ला शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 307 (हत्या का प्रयास) के अलावा दंगा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने समेत कई अन्य आरोप लगाए हैं।

29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था शाहजहां शेख

संदेशखालि कोलकाता से लगभग 80 किलोमीटर दूर एक नदी द्वीपीय क्षेत्र है। शेख और उसके लोगों पर स्थानीय महिलाओं ने जमीन हड़पने और यौन शोषण का आरोप लगाया है। सीबीआई पांच जनवरी को हुई घटनाओं से संबंधित तीन मामलों की जांच कर रही है। शेख को राज्य पुलिस ने 29 फरवरी को गिरफ्तार किया था और छह मार्च को सीबीआई ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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