केंद्रीय कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट में 6 बड़ी चर्चाएं हुईं। ये सभी फैसले करीब 8,80,000 करोड़ रुपये के फैसले हुए। ये हैं जल जीवन मिशन 2.0, मदुरै एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करना, पश्चिम बंगाल में संतरागाछी से खड़गपुर तक चौथी रेलवे लाइन बनाना, सैंथिया-पाकुड़ चौथी लाइन, मध्य प्रदेश में बदनावर-थांदला-टिमरवानी हाईवे को चार लेन का बनाना और जे़वर एयरपोर्ट को फरीदाबाद की तरफ से जोड़ना।
- भारतीय रेलवे ने प्रमुख कॉरिडोरों पर ट्रैक्शन अपग्रेड और डिजिटल संचार के आधुनिकीकरण के लिए 765 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की
- रणनीतिक दुव्वाडा-विशाखापत्तनम-विजयनगरम माल कॉरिडोर पर ट्रैक्शन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए 318.07 करोड़ रुपये स्वीकृत
- रायचूर-गुंटकल खंड को 126 किमी से अधिक के उन्नत 2×25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड के लिए 259.39 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिली
- पश्चिमी रेलवे वडोदरा और मुंबई डिवीजनों में 1,000 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 187.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई
जल जीवन 2.0 कंप्लीट हो रही री-स्ट्रक्चरिंग
अश्निनी वैष्णव ने बताया कि जल जीवन 2.0 कंप्लीट हो गया है इसका री-स्ट्रक्चरिंग कर रहे हैं, री-ओरिएंटेशन कर रहे हैं। सरकार का सारा फोकस इंफ्रा क्रिएशन से अब सर्विस डिलीवरी पर है।उन्होंने कहा कि पहले चरण में सरकार का मुख्य लक्ष्य बुनियादी ढांचा तैयार करना था, जबकि दूसरे चरण में सेवा वितरण और समुदाय की भागीदारी पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।
जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसके लिए लगभग 8.7 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।इस परियोजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में नल के माध्यम से साफ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने जल शक्ति मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यान्वयन को बुनियादी ढांचे के निर्माण से सेवा वितरण की ओर पुनर्गठित और पुनर्निर्देशित करने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जेजेएम के कार्यान्वयन के लिए मंत्रिमंडल ने कुल परिव्यय को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है, जिसमें 2019-20 में स्वीकृत 2.08 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 3.59 लाख करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय सहायता शामिल है।
मंत्री ने कहा कि ’सुजलाम भारत’ नामक एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा स्थापित किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक गांव को एक अद्वितीय सुजल गांव या सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की जाएगी, जो स्रोत से नल तक संपूर्ण पेयजल आपूर्ति प्रणाली का डिजिटल मानचित्रण करेगी।
