MGNREGA Row: कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि विपक्ष महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की बहाली की मांग के लिए सभी लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान, सभी विपक्षी दलों ने मनरेगा को बुलडोजर से (संख्या बल के आधार पर बिना आम सहमति बनाए) खत्म किए जाने के खिलाफ पूरे सम्मान और गरिमापूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष मनरेगा की बहाली की मांग के लिए सभी लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा।
जी राम जी योजना की सराहना
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करती हुई जी राम जी योजना की प्रशंसा की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम कानून बनाया गया है।" इस पर जैसे ही भाजपा-एनडीए सांसदों ने तारीफ में मेजें थपथपाईं, विपक्षी सांसद खड़े हो गए और कानून वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया। हंगामे के कारण राष्ट्रपति को अपना अभिभाषण रोकना पड़ा।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
हंगामे के बीच कुछ वक्त बाद राष्ट्रपति ने कहा, "इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। भ्रष्टाचार और लीकेज को रोकना सुनिश्चित हो पाएगा। इससे गांवों को नई गति मिलेगी। किसान, पशुपालन और मछुआरे वर्ग के लोगों को अनेक सुविधाएं मिलेंगी।"
विपक्ष पर बरसी सरकार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रपति अभिभाषण के बाद विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों ने जो आचरण किया है, उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
हंगामेदार सत्र के आसार
कांग्रेस ने बजट सत्र के पहले दिन ही अपने तेवर साफ कर दिए। दरअसल, कांग्रेस संसद में मनरेगा, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), विदेश नीति सहित कई अन्य मुद्दों को उठाएगी और सरकार से जवाब की मांग करेगी, जबकि सरकार ने साफ किया है कि वह जी राम जी अधिनियम और एसआईआर पर पहले चर्चा हो चुकी है। इसलिए चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया। साथ ही कहा कि अब हम रिवर्स गियर में नहीं जा सकते। सनद रहे कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जबकि केंद्रीय बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा।
