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उमेश पाल मर्डर केस: आरोपी के भाई का कौशांबी में मिला शव, हत्या किए जाने का शक

  • Compiled by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 10, 2023, 09:26 AM IST

उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी साबिर का भाई जाकिर 21 फरवरी को अपनी बहन के घर कौशांबी पहुंचा था। 27 फरवरी को वह अपने घर मरियाडीह के लिए निकला था, लेकिन तब से लापता था।

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साबिर के भाई का शव गंगा तट पर पाया गया

Photo : iStock

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में से एक 40 वर्षीय साबिर के भाई का शव कौशांबी जिले के मंझनपुर इलाके में गंगा तट पर पाया गया। पुलिस ने कहा कि मौके पर कोई खून नहीं मिला, लेकिन हालात इस ओर इशारा कर रहे हैं कि 45 वर्षीय जाकिर की हत्या करने के बाद उसके शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। उसके पेट को जानवरों ने आंशिक रूप से खा लिया था जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे। लेकिन उसकी मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा।

पत्नी की हत्या का था आरोपी

स्थानीय लोगों ने महमदपुर गांव के पास नदी किनारे शव देखा। बाद में इसकी पहचान प्रयागराज के मरियाडीह गांव के निवासी मोहम्मद जाकिर के रूप में हुई। जाकिर के चाचा शम्सुद्दीन और परिवार के अन्य सदस्य मुर्दाघर पहुंचे और पहचान की पुष्टि की। उन्होंने पुलिस को बताया कि जाकिर अपनी पत्नी की हत्या के सिलसिले में जेल में था और हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था।

27 फरवरी से था लापता

जांच में पता चला कि जाकिर 21 फरवरी को अपनी बहन के घर कौशांबी पहुंचा था। 27 फरवरी को वह अपने घर मरियाडीह के लिए निकला था, लेकिन तब से लापता था। उसके परिजनों ने संदेह जताया कि उसकी हत्या की गई है लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जाकिर आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल था। कोखराज थाने के एसएचओ रमेश पटेल ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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