Bomb Hurled Outside Arjun Singh's residence: पश्चिम बंगाल के भाटपाड़ा में भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के आवास के बाहर अज्ञात बदमाशों ने बम फेंके और गोलीबारी की। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हमला बुधवार देर रात हुआ जिसमें एक युवक घायल हो गया। इसने बताया कि सिंह और उनके करीबी सहयोगियों ने हमलावरों का पीछा किया लेकिन वे मौके से भागने में सफल रहे। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार दोपहर को पुलिस ने जगद्दल थाने में पूछताछ के लिए सिंह को बुलाया था। सूत्रों ने बताया कि जब वह नहीं आए तो जगद्दल थाने के प्रभारी मधुसूदन मंडल के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम शाम को उनके घर पहुंची।
रैपिड एक्शन फोर्स तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के कर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से कई कारतूस और बम बरामद किये गये। बैरकपुर के पुलिस आयुक्त अजय ठाकुर ने कहा, स्थिति अभी नियंत्रण में नहीं है। इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा... दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के मेघना जूट मिल में श्रमिकों के दो समूहों के बीच विवाद के बाद हिंसा भड़क उठी। सिंह ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुनीता सिंह के बेटे नमित सिंह का हाथ है। पूर्व सांसद ने दावा किया कि उसने पुलिस के सामने गोलीबारी की। अंधाधुंध गोलीबारी और बमबारी हुई।
तृणमूल कांग्रेस पर आरोप
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के जगदल से विधायक सोमनाथ श्याम ने सिंह और उनके समर्थकों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। श्याम ने कहा, अर्जुन सिंह और उनके लोगों ने मेघना जूट मिल में काम करने वालों पर हमला किया और गोलियां चलाईं। युवक को सिंह ने गोली मारी और उनके समूह के हमले में तीन से चार अन्य लोग घायल हो गए। हम सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं, नहीं तो हम बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। सिंह ने हालांकि आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि जब गोलीबारी शुरू हुई तो वह अपने घर के अंदर थे। सिंह ने पत्रकारों से कहा, रात लगभग 10:30 बजे अचानक मुझे दो गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। मैं अपने घर के अंदर अपने कार्यालय में था। जब मैं बाहर निकला तो देखा कि कुछ लोग भाग रहे हैं। एक युवक घायल हो गया और स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
सिंह ने कहा कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद ईमेल के जरिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें ही नोटिस भेज दिया गया। उन्होंने कहा, मुझे बाद में पता चला कि मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि मुझे पूछताछ के लिए बुलाया। मैं उनके सामने पेश नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए भाटपाड़ा में गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस ने बताया कि घायल युवक को पहले भाटपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया और बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे कोलकाता के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
