Atiq Ahmed Lawyer: अतीक अहमद के वकील के घर के पास देशी बम से हमला हुआ है। प्रयागराज की कटरा गोबर गली में यह बम ब्लास्ट हुआ है। इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर अभी नहीं है।
दहशत का था इरादा
वकील की पहचान दयाशंकर के रूप में हुई है। बम इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से फेंका गया था। हालांकि, हमले में कोई घायल नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस इस बात की जांच में जुट गई है कि बम किसने फेंका और उसका मकसद क्या था। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह हमला दहशत फैलाने के लिए किया गया था।
पुलिस ने क्या कहा
पुलिस ने बताया कि कटरा इलाके में दोपहर करीब ढाई बजे हुए विस्फोट में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है। करनालगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ राम मोहन राय ने दावा किया कि अतीक के वकील दयाशंकर मिश्रा निशाने पर नहीं थे और यह घटना दो युवकों के बीच की निजी दुश्मनी का नतीजा थी। हालांकि, वकील ने दावा किया कि यह "भय और आतंक पैदा करने" का प्रयास था।
वकील ने क्या कहा
वकील ने इस मामले पर कहा-"मैं अदालत में था जब मेरे बेटे ने मुझे बताया कि बम फेंके गए हैं। मैं घर भागा आया। ... मुझे लगता है कि यह मुझे डराने के लिए किया गया है, आतंक पैदा करने के लिए। यह एक बड़ी साजिश है... मेरी बेटी और स्थानीय लोगों ने देखा कि इसमें एक व्यक्ति शामिल था और तीन बम फेंके गए।"
पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मारा जा चुका है अतीक
अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या शनिवार रात कर दी गई थी। अतीक की हत्या उस समय की गई थी, जब पुलिस उसके भाई अशरफ के साथ मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर गई थी। जहां पत्रकार बनकर पहुंचे हमलावरों ने गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें अतीक और उसके भाई की मौत हो गई।
किसने की हत्या
अतीक अहमद की हत्या लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य, और सनी नाम के लड़कों ने किया है। ये लोग पत्रकार बनकर आए थे और अतीक और उसके भाई पर गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। इन तीनों को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
किस जेल में आरोपी
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को पहले प्रयागराज में ही रखा गया था। बाद में प्रयागराज से प्रतापगढ़ जिला कारागार में उन्हें भेज दिया गया।
