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BJP vs Congress: कांग्रेस ने भाजपा पर कसा तंज, 'मोदी के साथ आओ, अपने सारे दाग मिटाओ'

Congress Slams BJP: अजित पवार के लिए राहत भरी आई तो विपक्षी दलों ने भाजपा पर प्रहार तेज कर दिया है। कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा को वाशिंग मशीन करार दिया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि कांग्रेस भाजपा का नया नारा 'मोदी के साथ आओ, अपने सारे दाग मिटाओ' है। आपको बताते हैं कि आखिर सारा माजरा क्या है।

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भाजपा बनाम कांग्रेस

Photo : Twitter

कांग्रेस ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को बेनामी संपति के मामले में आयकर न्यायाधिकरण से राहत मिलने के बाद शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि अब सत्तारूढ़ दल का नया नारा ‘‘मोदी के साथ आओ, अपने सारे दाग मिटाओ और खूब पैसा कमाओ’’ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘भाजपा की वाशिंग मशीन’’ लगातार चालू है और अब तक कई नेता इसमें धुलकर बेदाग हो चुके हैं।

'अजित पवार को वाशिंग मशीन में धुलकर चमका दिया'

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा की वशिंग मशीन लगातार चालू है। इस मशीन ने महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनवाने के एवज में अजित पवार को धुलकर चमका दिया है। अजित पवार के ऊपर चल रहे आय से अधिक सम्पत्ति के सारे मामले बंद हो गए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आयकर विभाग ने वर्ष 2021 में अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार की 1000 करोड़ रुपये की संपत्तियां 2021 में कुर्क की थी। भाजपा की वशिंग मशीन के कमाल से अब इन संपत्तियों को आयकर विभाग मुक्त कर दिया है।’’

रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जिस समय अजित पवार पर एजेंसियों ने कार्रवाई की थी, उस समय अजित पवार विपक्ष में थे। तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अजित पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को ‘नेचुरली करप्ट पार्टी’ कहा था और देवेंद्र फडणवीस ने खुद कहा था कि एक दिन अजित पवार चक्की पीसिंग, पीसिंग।’’

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भाजपा पर ऐसे किया कटाक्ष

उनके मुताबिक, इससे पहले जब अजित पवार ने भाजपा का साथ दिया था, उसी समय उन पर चल रहे 70 हजार करोड़ रूपये के सिंचाई घोटाले, जरांदेश्वर चीनी मिल घोटाले समेत कई अन्य मामलों की जांच बंद कर दी गई थी। रमेश ने कटाक्ष किया कि भाजपा अब ऐसी वॉशिंग मशीन बन गई है, जिसमें सालों पुराना मामला भी डालो तो आरोपी बेदाग ही निकलता है।

रमेश ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, भाजपा नेता अशोक चव्हाण, राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और कई अन्य नेता भाजपा की वाशिंग मशीन में धुलकर बेदाग हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा का नया नारा ‘‘मोदी के साथ आओ- अपने सारे दाग मिटाओ और खूब पैसा कमाओ’’ है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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