BJP in Rajya Sabha: राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी संसदीय ताकत को नए शिखर पर पहुंचा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। यह बदलाव न सिर्फ संख्या का खेल है, बल्कि ऊपरी सदन के पूरे सियासी गणित को बदल देने वाला कदम माना जा रहा है। अगर बीजेपी के साथ खड़े 6 मनोनीत सांसदों और 2 निर्दलीय सांसदों—दिलीप रे और कार्तिकेय शर्मा का समर्थन भी इसमें जोड़ दिया जाए, तो पार्टी का प्रभावी आंकड़ा 121 तक पहुंच जाता है। यानी राज्यसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 123 से बीजेपी अब महज दो सीट दूर है।
राज्यसभा का नया गणित:
- बीजेपी: 113
- मनोनीत सांसद (समर्थन): 6
- निर्दलीय सांसद: 2
- कुल संभावित समर्थन: 121
- बहुमत का आंकड़ा: 123
- बहुमत से दूरी: 2
संसदीय ताकत में बड़ा इजाफा
AAP के सात सांसदों का यह विलय बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पार्टी को राज्यसभा में अभूतपूर्व बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। अब सरकार के लिए अहम विधेयकों को पारित कराना, नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाना और बड़े सुधारों को लागू करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
लोकसभा में पहले से मजबूत NDA
ऊपरी सदन में बढ़ती ताकत के साथ-साथ निचले सदन यानी लोकसभा में भी बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पहले से ही मजबूत स्थिति में है।
लोकसभा 2024 का गणित:
- बीजेपी: 240
- एनडीए: 293
- बहुमत का आंकड़ा: 272
क्या बदल सकता है आगे?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नया समीकरण केंद्र सरकार को विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने में बड़ी बढ़त देगा। जिन विधेयकों को पहले राज्यसभा में अटकने का खतरा रहता था, अब उनके पास होने की संभावना काफी बढ़ सकती है। साफ है कि सात सांसदों का यह विलय सिर्फ आंकड़ों का बदलाव नहीं, बल्कि केंद्र की राजनीति में शक्ति संतुलन को निर्णायक रूप से बीजेपी के पक्ष में झुकाने वाला कदम साबित हो सकता है।
