अमेरिका में रहने वाले एनआरआई कारोबारी दर्शन सिंह धालीवाल को आंदोलनकारी किसानों के लिए कभी लंगर रखने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया गया था, पर अब उन्हीं को केंद्र सरकार की ओर से सम्मानित (प्रवासी भारतीय सम्मान से) किया गया है। पंजाब के पटियाला के रहने वाले धालीवाल ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे उस गलती के लिए खेद जताया था, वह भी भारी संख्या में लोगों के सामने।
मंगलवार (10 जनवरी, 2023) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रवासी भारतीय सम्मेलन अवॉर्ड पाने के बाद उन्होंने अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' को बताया- पीएम ने अप्रैल, 2022 में दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर बड़े सिख प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की थी और इसी दौरान उन्होंने "150 लोगों के सामने" मुझसे "माफी" मांगी थी।
'हमसे बड़ी गलती हुई, पर ये आपका बड़प्पन है कि...'
बकौल धालीवाल, "उन्होंने 150 लोगों के सामने इस बात पर माफी मांगी कि मुझे वापस भेज दिया गया था। उन्होंने इसके साथ ही कहा था 'हमसे बड़ी गलती हो गई। आपको भेज दिया, पर आपका बहुत बड़ा बड़प्पन है, जो आप हमारे कहने पर फिर भी आ गए।'" सिखों के उस प्रतिनिधिमंडल में दुनिया भर के सिख कारोबारी शामिल हुए थे। पीएमओ की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया था कि सिख समुदाय ने "भारत और अन्य देशों के बीच मजबूत संबंध बनाने में" अहम भूमिका निभाई है।
