झोलाभर किताबें लेकर संसद पहुंचे BJP नेता निशिकांत दुबे, कांग्रेस पर लगाए कई गंभीर आरोप
- Edited by: Digpal Singh
- Updated Feb 4, 2026, 05:49 PM IST
भाजपा नेता निशिकांत दुबे का कहना है कि राहुल गांधी उस किताब का जिक्र कर रहे है जो छपी ही नहीं है, इसलिए आज मैं ऐसी किताब लेकर आया हूं जो भारत में छपी है और वो किताब भी है जो भारत में बैन है। उन्होंने इन किताबों का जिक्र किया और कहा कि इन पर भी चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी के जवाब में किताबों का झोला लेकर संसद पहुंचे निशिकांत दूबे
पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार सरकार के खिलाफ हमलावर हैं। वह बार-बार उस अप्रकाशित किताब के कुछ हिस्से जो एक मैग्जीन में छपे हैं, उन पर बात करके सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस बीच भाजपा नेता निशिकांत दूबे ने कई किताबों का जिक्र किया है। जिनके आधार पर उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
निशिकांत दुबे ने कहा, 'एक किताब की बात को लेकर आपको संबोधित कर रहा हूं, जिसके कारण तीन दिन तक पार्लियामेंट बंधक है। जो कहीं छपी ही नहीं। 1954 के आर्मी रूल के तहत पद पर बैठा हुआ कोई व्यक्ति कोई यदि किताब छापना चाहेगा तो आर्टिकल 19 के तहत डिफेंस मिनिस्ट्री का परमिशन लेना होगा। डिफेंस मिनिस्ट्री का परमिशन नहीं मिला। नरवणे खुद कह रहे हैं कि कोई नुकसान कभी नहीं हुआ।'
निशिकांत दुबे ने मुख्य रूप से 1962 के युद्ध के बाद आयी 'हेनरी ब्रुक्स' (हेंडरसन ब्रुक्स) रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसे उन्होंने एक ऐसा रहस्य बताया जो आज तक बाहर नहीं आया। इस रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने भारत का एक बड़ा भूभाग चीन को दे दिया और नेहरू के निर्णयों के कारण लद्दाख, अरुणाचल और पूरे नॉर्थ ईस्ट में समस्याएं पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि ऐसी सैकड़ों किताबें हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, लेकिन इसको लेकर संसद को बंधक बना लिया गया है। उन्होंने कहा कि छपी हुई किताब और सोशल मीडिया के दौर में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दौर में 2014 के पहले की कई ऐसी कहानियां हैं, जिससे कि देश का बहुत बड़ा वर्ग अनभिज्ञ है। उनके ऊपर संसद में आप चर्चा करा लीजिए।
उन्होंने कहा, 'पार्लियामेंट में चर्चा हो गई तो गांधी-नेहरू परिवार की जो मक्कारी का भ्रष्टाचार का जो अनैतिक संबंधों का जो जखीरा है, जिसके कारण भारत आज भुगत रहा है। पिछले 10-12 साल में प्रधानमंत्री के आने के बाद जो है हम विश्व गुरु बनने की स्थिति में हैं। आज चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी हैं। तीसरी इकॉनमी हो जाएंगे। लेकिन क्यों हम इतनी जल्दी आगे नहीं बढ़ पाए? 50 के दशक में चीन हमसे पीछे हुआ करता था। आज चीन हमसे आगे बढ़ गया है। अब हम शायद चीन को मात दे पाएं। उसका पूरा इतिहास होना चाहिए और मैं उनसे यही आग्रह करने के लिए आज संसद में खड़ा हुआ था कि इन सारे किताबों पर चर्चा हो जानी चाहिए।'
निशिकांत दुबे ने कहा, राहुल गांधी जिस किताब का जिक्र कर रहे हैं, वह तो कहीं छपी नहीं है। मैंने तो आपके सामने यह सारी किताबें दिखाई ना। यह किताबें तो बुक स्टोर में मौजूद है। आप दिल्ली के किसी बुक स्टोर में चले जाओ। ये सारी किताबें मौजूद हैं। कुछ किताबें पब्लिश्ड हैं, लेकिन भारत में बैन हैं। वो किताबें मैं यहां लेकर नहीं आया। मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं। मैं कोई अनैतिक काम करने के लिए यहां नहीं आया हूं। वह किताबें पब्लिश्ड हैं, लेकिन भारत सरकार ने उसको बैन कर रखा है। बैन की हुई किताबों का मैंने सिर्फ कवर दिखाया, जो किताबें बुक स्टोर में मौजूद हैं वो फिजिकली मैंने आपको दिखायी। इस तरह की सैकड़ों किताबें हैं यदि चर्चा करेंगे तो कम से कम 150 किताबें ऐसी हैं, जिसके ऊपर इस पार्लियामेंट में चर्चा होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि निशिकांत दूबे बुक का रेफरेंस दे रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी को रोका जा रहा है। इस पर निशिकांत दूबे ने कहा, मैं यह कह रहा हूं कि यदि चर्चा होने लगेगी तो कभी सुकन्या का नाम आपने सुना कि रायबरेली में कोई हत्याकांड हो गया। अनवेरिफाइड चीजों के ऊपर यदि चर्चा होगी तो उनके कररेक्टर के ऊपर नहीं चर्चा होग? अमेरिका में कोई पॉलिटिशियन पकड़ा गया, ड्रग्स लेकर तो उसके ऊपर चर्चा हो जाएगी। अनवेरिफाइड चीजों के ऊपर कैसे चर्चा हो सकती है?
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