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'सुनेत्रा पवार को उप-मुख्यमंत्री बनाने के पीछे BJP मास्टरमाइंड', 'सामना' के जरिए उद्धव ने जमकर निकाली भड़ास

'सामना' के संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार, न ही कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी।

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सुनेत्रा पवार की ताजपोशी को लेकर सामना में बीजेपी पर निशाना

Photo : PTI

Saamana On Sunetra Pawar: विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। शिवसेना ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पीछे भाजपा नेतृत्व का हाथ है। यह शपथ ग्रहण उनके पति अजित पवार के निधन के कुछ ही दिनों बाद हुआ। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया कि भाजपा नेतृत्व और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के दोनों गुटों का एकीकरण नहीं चाहते हैं।

अजित पवार की मौत के तीन दिन बाद ही सुनेत्रा का शपथग्रहण

सुनेत्रा पवार ने शनिवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह शपथ ग्रहण एनसीपी नेता अजित पवार और चार अन्य लोगों की पुणे जिले के बारामती में विमान दुर्घटना में मौत के ठीक तीन दिन बाद हुआ। इस घटनाक्रम की गति को लेकर कुछ हलकों से आलोचना भी हुई। प्रतिद्वंद्वी एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

'सामना' के संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार, न ही कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी। संपादकीय में यह भी कहा गया कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई रवाना होने का जरा सा भी संकेत नहीं दिया था।

कहा- भाजपा नेतृत्व इस राजनीति का मास्टरमाइंड

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि भाजपा नेतृत्व इस राजनीति का मास्टरमाइंड है। संपादकीय में आगे कहा गया, अजित पवार के निधन के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि ये मुद्दे सुलझें नहीं। अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के कुछ नेता अधिक महत्वाकांक्षी हो गए और पार्टी के भीतर उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई। पटेल और तटकरे के बीच मतभेद हैं। संपादकीय में दावा किया गया कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री इसलिए बनाया गया क्योंकि "पाटिल-पवार" की पार्टी पटेल के हाथों में नहीं जानी चाहिए।

शायद वह गूंगी गुड़िया न हों...

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपी गई, लेकिन इसका इंजन और नियंत्रण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है। सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों फडणवीस की दया पर ही अपना अस्तित्व बनाए रख सकती हैं। संपादकीय में आगे कहा गया कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद केवल दिखावटी नहीं होना चाहिए। शायद वह गूंगी गुड़िया न हों और प्रभावी ढंग से काम न कर पाए। एनसीपी सनातन विचारधारा वाली भाजपा की सहयोगी है, और सुनेत्रा पवार का अपने पति के अंतिम संस्कार से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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