राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में संबित पात्रा के 'चार झूठ' वाले बयान के बाद भी BJP नहीं रुकी। कुछ घंटों बाद, सुधांशु त्रिवेदी ने SIR मामले में पार्टी की ओर से दिन का दूसरा हमला किया - इस बार उन्होंने MGNREGA और कथित 'मृत, डुप्लिकेट और अस्तित्वहीन लाभार्थियों' पर ध्यान केंद्रित किया।
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बीजेपी के राज्यसभा सांसद त्रिवेदी ने वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन के खिलाफ कांग्रेस के विरोध की तुलना MGNREGA जैसी कल्याणकारी योजनाओं में कथित तौर पर फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों को लेकर पहले जताई गई चिंताओं से की।
वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए, त्रिवेदी ने विपक्ष पर बार-बार चुनावी हार के बाद 'गलतफहमियां' फैलाने का आरोप लगाया और कथित तौर पर मृत, डुप्लीकेट और न मिल पाने वाले वोटरों के नाम हटाने पर उनके विरोध पर सवाल उठाए।
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उन्होंने पूछा, 'अगर वोटर लिस्ट में ऐसे नाम हैं जो मर चुके हैं, कहीं और बस गए हैं, या रजिस्टर्ड पते पर असल में मौजूद ही नहीं हैं, तो कोई राजनीतिक पार्टी पारदर्शी वेरिफिकेशन प्रोसेस का विरोध क्यों करेगी?' त्रिवेदी ने MGNREGA जैसी स्कीमों के तहत फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों को कथित तौर पर किए गए पेमेंट की पिछली जांचों का भी ज़िक्र किया और पूछा कि वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन के लिए भी वही नियम क्यों नहीं लागू होना चाहिए।
उनकी ये बातें SIR को लेकर बढ़ती राजनीतिक लड़ाई के बीच सामने आई हैं। कांग्रेस का दावा है कि वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज़्यादा वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं और पार्टी ने उन्हें वापस जोड़ने की मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे पर देशव्यापी 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान भी शुरू किया है।
बीजेपी ने विपक्ष द्वारा बताए गए 13 करोड़ के आंकड़े पर सवाल उठाए
त्रिवेदी ने दावा किया कि 13 करोड़ लोगों में से लगभग तीन करोड़ लोग 'मिल नहीं रहे' थे, जबकि काफी संख्या में लोग मर चुके थे और लगभग एक करोड़ नाम डुप्लिकेट थे। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस ने कुल आंकड़ा बताते समय उन वोटरों का भी ध्यान रखा था जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम वोटर लिस्ट में एक से ज़्यादा बार हैं।त्रिवेदी ने कहा, 'तीन करोड़ लोग मिल नहीं रहे हैं, कई मर चुके हैं और लगभग एक करोड़ नाम डुप्लिकेट हैं।' उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे सभी नाम वोटर लिस्ट में बने रहने चाहिए।
'क्या आप तब सही थे? क्या ऐसा हो सकता है कि आप दोनों बार गलत थे?'
त्रिवेदी ने फर्जी वोटों और वोटर लिस्ट को ठीक करने की जरूरत पर कांग्रेस नेताओं-जैसे कमलनाथ, राहुल गांधी, सचिन पायलट, अशोक गहलोत और अभिषेक मनु सिंघवी - के पहले दिए गए बयानों का भी जिक्र किया।उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या उसके नेता तब 'गलत' थे जब उन्होंने पहले फर्जी वोटरों और वोटर लिस्ट को लेकर चिंता जताई थी।उन्होंने कांग्रेस नेताओं के इस मुद्दे पर पहले दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए पूछा, 'क्या आप तब सही थे? क्या ऐसा हो सकता है कि आप दोनों बार गलत थे?'
