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क्या नीतीश कुमार फिर मारेंगे पलटी? INDIA गठबंधन में शामिल होने के सवाल पर दिया गोलमोल जवाब

Bihar Politics: क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर सबको गच्चा देने का प्लान कर रहे हैं? कोई भी नहीं जानता जेडीयू के नीतीश का अगला कदम क्याहोने वाला है? 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने के सवाल पर नीतीश कुमार ने गोलमोल जवाब दिया है। आपको इसके मायने समझाते हैं।

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नीतीश कुमार और लालू यादव।

Nitish Kumar Next Step: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में वापस आने के प्रस्ताव पर गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “क्या बोल रहे हैं।” राजभवन में नये राज्यपाल के तौर पर आरिफ मोहम्मद खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए कुमार से जब लालू प्रसाद के नये प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए बस इतना ही कहा, ‘क्या बोल रहे हैं’।

क्या फिर पलटी मारने वाले हैं सीएम नीतीश कुमार?

आरिफ मोहम्मद खान और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ खड़े कुमार से जब यह पूछा गया कि क्या राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी, तो नवनियुक्त राज्यपाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “इस तरह के सवाल पूछने का यह सही समय नहीं है। आज खुशी का दिन है। हमें सिर्फ अच्छी चीजों के बारे में बात करनी चाहिए।” पिछले एक दशक के दौरान कुमार दो बार विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दल राजद के साथ गठबंधन कर चुके हैं।

वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पिता लालू यादव की टिप्पणियों पर सफाई देते हुए दावा किया कि राजद सुप्रीमो ने केवल मीडिया की जिज्ञासा को संतुष्ट करने का प्रयास किया था।

नीतीश कुमार के लिए खुले हैं लालू यादव के दरवाजे

लालू प्रसाद ने एक टीवी चैनल से कहा था, “हमारे दरवाजे (नीतीश के लिए) खुले हैं। उन्हें भी अपने दरवाजे खोल देने चाहिए। इससे दोनों तरफ के लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी।” राजभवन में नए राज्यपाल के तौर पर आरिफ मोहम्मद खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए यादव ने कहा, “मैंने पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।” लालू यादव ने बुधवार को कहा था कि नये साल में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक सरकार (राजग) सरकार की ‘विदाई तय है’।

तेजस्वी यादव से जब उनके पिता की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर आप एक ही सवाल लेकर आते रहेंगे तो वह (लालू यादव) क्या करेंगे? उन्होंने जो कुछ भी कहा होगा, उसका उद्देश्य आप पत्रकारों की जिज्ञासा को शांत करना रहा होगा।”

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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