Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आजकल अनिश्चिताओं की अटकलें तेज हो रही है। लोग भी क्या करें, नीतीश कुमार का नेचर है ही ऐसे, कभी बीजेपी के साथ तो कभी राजद के साथ। अभी राजद के साथ सरकार चला रहे हैं, लेकिन अटकले हैं कि वो फिर ने पलटी मार सकते हैं और भाजपा के साथ जा सकते हैं, रविवार रात इन अटकलों को तब और हवा मिल गई, जब नीतीश कुमार, छठ का प्रसाद खाने के लिए बीजेपी एमएलसी संजय मयूख के यहां पहुंच गए।
कौन हैं संजय मयूख
संजय मयूख बिहार में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हैं। मयूख को 29 जून, 2020 को बिहार विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुना गया था। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया सह प्रभारी भी हैं। केंद्रीय नेतृत्व के चहेते हैं।
नीतीश के पहुंचने के मायने
छठ, बिहार का बहुत बड़ा पर्व है। साल में छठ दो बार होता है, एक बार चैत में और एक बार कार्तिक महीने में। अभी चैत वाली छठ का समय है। आज उसका खरना था। इस मौके पर बीजेपी नेता संजय मयूख ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को प्रसाद खाने के लिए न्योता दिया था, जिसे स्वीकार करते हुए नीतीश कुमार उनके घर पहुंचे। अब नीतीश के यहां पहुंचने से अटकलें हैं कि नीतीश एक बार फिर से बीजेपी के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं।
राजनीति में पर्वों का इतिहास
दरअसस बिहार की राजनीति में छठ,होली और इफ्तार का एक लंबा इतिहास रहा है। लालू यादव की होली, इफ्तार और छठ पॉलटिक्स हमेशा चर्चा में रही है। बीजेपी से अलग होने से पहले नीतीश कुमार लालू यादव के यहां इफ्तार पर पहुंचे थे, राबड़ी देवी ने इस इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। तभी लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने महागठबंधन की सरकार के संकेत दे दिए थे, इसके कुछ दिनों बाद ही बीजेपी-जदयू का गठबंधन टूटा और नीतीश, राजद-कांग्रेस से गठबंधन करके फिर से सीएम बन गए।
