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जब तक नहीं पूरी होगी BPSC छात्रों की मांगें तब तक जारी रहेगा अनशन: प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर शनिवार को पटना में शीतलहर के बीच आमरण अनशन के तीसरे दिन भी रहे । प्रमुख बिहार सिविल सेवा ( बीपीएससी ) परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी बीपीएससी छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ।

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प्रशांत किशोर अनशन जारी

Photo : ANI

Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी (BPSC) छात्रों की मांगों को पूरा किए जाने तक अपना अनिश्चितकालीन उपवास जारी रखने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक मेरा उपवास वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं है। हमने अपनी ओर से सुझाव दिया कि सीएम को छात्रों से मिलना चाहिए और साथ मिलकर कोई समाधान निकालना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो मुझे उपवास खत्म करने में कोई दिक्कत नहीं है। छात्र कथित प्रश्नपत्र लीक के कारण 13 दिसंबर को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित एकीकृत संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) 2024 को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

नीतीश कुमार को समाधान खोजने के लिए छात्रों से मिलना चाहिए- प्रशांत किशोर

किशोर ने जोर देकर कहा कि जब तक छात्रों की मांगें नहीं सुनी जातीं और पूरी नहीं की जातीं, तब तक वह अपना उपवास वापस नहीं लेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समाधान खोजने के लिए छात्रों से मिलना चाहिए। किशोर ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, जो अपना सबकुछ छोड़कर ठंड में विरोध प्रदर्शन करने यहां आए हैं, तब तक अनशन और विरोध बंद नहीं हो सकता, यह बात मैंने प्रशासन से कह दी है। उन्होंने सांसद पप्पू यादव द्वारा लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया, जिन्होंने दावा किया था कि किशोर भूख हड़ताल के दौरान गुप्त रूप से भोजन कर रहे थे। किशोर ने कहा कि वह आलोचना के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका ध्यान बीपीएससी छात्रों की मांगों का समर्थन करने पर है। अगर कोई मेरी आलोचना करता है, लेकिन फिर भी छात्रों का समर्थन करता है, तो मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। मैंने तेजस्वी यादव से भी कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं (बिहार विधानसभा में), उन्हें नेतृत्व करना चाहिए और हम उनके पीछे रहेंगे। अगर वह यहां आते हैं, यहां तक कि राहुल गांधी भी यहां आते हैं, तो छात्रों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर राजीव रंजन भी किशोर के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि कोई जटिलता नहीं लग रही थी और उन्हें शीत लहर से बचने की सलाह दी। डॉक्टर ने कहा कि फिलहाल मैंने जो भी देखा है, वह ठीक है। ठंड से बचने के लिए एक ही उपाय है, खुद को ढक कर रखना। जैसे ही शीत लहर आती है, तो उस खतरनाक शीत लहर से बचकर रहना पड़ता है। सभी मापदंडों पर यह कहा जा सकता है कि उन्हें (प्रशांत किशोर को) कोई खतरा नहीं है, मुझे लगता है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही अच्छी है, इसलिए वह अभी ठीक हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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