Bihar Caste Census: बिहार में आज जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट आ गई है। 2024 के चुनाव से पहले यह रिपोर्ट नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। हालांकि एक मामले में लालू यादव इस रिपोर्ट के जरिए नीतीश कुमार को पटखनी देते दिख रहे हैं। जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार लालू की जाति का दबदबा दिख रहा है तो वहीं नीतीश कुमार की जाति उससे काफी पीछे दिख रही है। गिरिराज सिंह की जाति यानि कि भूमिहार तो टॉप 10 में भी नहीं है।
हिंदुओं में यादव सबसे ज्यादा
जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार हिंदुओं में सबसे ज्यादा आबादी यादवों की है। इसी समाज से लालू यादव आते हैं। वहीं नीतीश कुमार की जाति यानि कि कुर्मी की बात की जाए तो वो 10वें नंबर पर है।
| 0 | जाति | संख्या (प्रतिशत में) |
| 1 | यादव | 14.2666 |
| 2 | दुसाध, धारी, धरही | 5.3111 |
| 3 | मोची, चमार, रविदास | 5.2550 |
| 4 | कुशवाहा | 4.2120 |
| 5 | शेख | 3.82 |
| 6 | मोमिन | 3.5450 |
| 7 | ब्राह्मण | 3.6575 |
| 8 | राजपूत | 3.4505 |
| 9 | मुसहर | 3.0872 |
| 10 | कुर्मी | 2.8785 |
बिहार में कितने सवर्ण
इसके बाद अगर हम बात अपर कास्ट यानि कि जनरल कास्ट की करें तो इस लिस्ट में ब्राह्मण 3.65 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद राजपूत (3.45 प्रतिशत), फिर भूमिहार (2.86 प्रतिशत) और फिर कायस्थ (0.60) के साथ चौथे नंबर पर है। बिहार में सवर्णों की कुल आबादी 15.52 प्रतिशत है।
बिहार में अन्य जातियां
बिहार की जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार इसमें अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 36.01%, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 27%, अनुसूचित जाति (SC) 19.65%, अनुसूचित जनजातियां (ST) 1.68% हैं। धर्म के हिसाब से देखें तो बिहार की 13 करोड़ की जनसंख्या में हिंदू (81.9%), मुस्लिम (17.7%), ईसाई (0.05%), सिख (0.01%), बौद्ध (0.08%), जैन (0.0096%) और अन्य धर्मों के 0.12% लोग हैं।
