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सांसद पप्पू यादव ने चुनाव आयोग पर संविधान का सम्मान न करने का लगाया आरोप, बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर कही ये बात

Bihar Assembly Election: सांसद पप्पू यादव ने भारत के चुनाव आयोग की आलोचना की और बिहार में मतदाता सूची को संशोधित करने के उनके फैसले पर निशाना साधा। पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही धृतराष्ट्र बन चुका है। वे न तो सुप्रीम कोर्ट की सलाह मान रहे हैं और न ही संविधान का सम्मान कर रहे हैं।

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सांसद पप्पू यादव ने ECI पर साधा निशाना

Photo : ANI

Bihar Assembly Election: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग की आलोचना की और बिहार में मतदाता सूची को संशोधित करने के उनके फैसले पर निशाना साधा। पप्पू यादव ने ईसी पर संविधान का सम्मान नहीं करने और सुप्रीम कोर्ट की सलाह का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। पप्पू यादव की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को जारी रखने की अनुमति देने के बाद आई है।

एएनआई से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही धृतराष्ट्र बन चुका है। वे न तो सुप्रीम कोर्ट की सलाह मान रहे हैं और न ही संविधान का सम्मान कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सलाह दी थी और स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी परिस्थिति में आप यह तय नहीं कर सकते कि कौन भारतीय है और कौन नहीं। संविधान के तहत काम करें और अन्य दस्तावेजों के साथ आधार कार्ड भी शामिल करें।

इससे पहले दिन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने सुप्रीम कोर्ट के कदम का समर्थन किया और कहा कि नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तियों को उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए तथा यह प्रक्रिया अन्य राज्यों में भी अपनाई जानी चाहिए।रविवार को एएनआई से बात करते हुए योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि चूंकि चुनाव आयोग ने बिहार में यह काम शुरू कर दिया है, इसलिए वह इसे अन्य राज्यों में भी जारी रखेगा। अगर नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के लोग हमारे मतदाता हैं, तो स्थानीय निवासियों को वोट देने का अधिकार देने का क्या मतलब है? ऐसे वोटों को हटा दिया जाना चाहिए और इतना ही नहीं, इन लोगों को वापस भेज दिया जाना चाहिए जहां से वे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एसआईआर प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई लेकिन चुनाव आयोग से कहा कि वह बिहार में मतदाता सूची की एसआईआर के दौरान मतदाता पहचान साबित करने के लिए आधार, राशन कार्ड और मतदाता फोटो पहचान पत्र को स्वीकार्य दस्तावेज के रूप में अनुमति देने पर विचार करे। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि 1 अगस्त से 30 अगस्त तक उचित जांच के बाद अगर ये दावे सही पाए जाते हैं तो ऐसे नामों को 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कहा कि शनिवार शाम तक बिहार में 80.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा कर दिए हैं। आयोग 25 जुलाई की निर्धारित समय सीमा से पहले गणना फॉर्म (ईएफ) का संग्रह पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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